करवा चौथ स्पेशल

आज शाम 8 बजकर 14 मिनट पर हिसार में चांद दिखेगा।
चंदरमा की पूजा क्यों की जाती है
चंद्रमा को आयु, सुख और शांति का कारक माना जाता है और इनकी पूजा से वैवाहिक जीवन सुखमय बनता है और पति की आयु भी लंबी होती है। करवा चौथ का व्रत सुहागन महिलाएं अखंड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए करती हैं।
दीपक और छलनी का महत्व
दीये की रोशनी का करवा चौथ में विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार पृथ्वी पर सूर्य का बदल हुआ रूप अग्नि माना जाता है। मन जाता है कि अग्नि को साक्षी मानकर की गई पूजा सफल होती है। दूसरी ओर से देखें तो प्रकाश को ज्ञान का प्रतीक भी कहा जाता है। ज्ञान प्राप्त होने से नम से अज्ञानता रूपी सभी विकार दूर होते हैं। दीपक नकारात्मक ऊर्जा को भी दूर भगाता है। छलनी की बात करें तो ज्यादातर महिलाएं दिन के अंत में पहले छलनी से चंद्रमा को देखकर और फिर तुरंत अपने पति को देखकर अपना व्रत खोलती हैं। करवा चौथ में सुनाई जानेवाली वीरवती की कथा से जुड़ा हुआ है। बहन वीरवती को भूखा देख उसके भाइयों ने चांद निकलने से पहले एक पेड़ की आड़ में छलनी में दीप रखकर चांद बनाया और बहन का व्रत खुलवाया।
चाँद निकलने का समय
| शहर समय दिल्ली 8 बजकर 15 मिनट नोएडा 8 बजकर 15 मिनट मुंबई 8 बजकर 59 मिनट जयपुर 8 बजकर 26 मिनट देहरादून 8 बजकर 06 मिनट लखनऊ 8 बजकर 05 मिनट शिमला 8 बजकर 07 मिनट गांधीनगर 8 बजकर 48 मिनट इंदौर 8 बजकर 37 मिनट भोपाल 8 बजकर 29 मिनट अहमदाबाद 8 बजकर 50 मिनट कोलकाता 7 बजकर 45 मिनट पटना 7 बजकर 51 मिनट प्रयागराज 8 बजकर 05 मिनट कानपुर 8 बजकर 08 मिनट चंडीगढ़ 8 बजकर 10 मिनट लुधियाना 8 बजकर 12 मिनट जम्मू 8 बजकर 11 मिनट बेंगुलुरू 8 बजकर 54 मिनट गुरुग्राम 8 बजकर 15 मिनट गुवाहाटी 7 बजकर 22 मिनट |
