सेबी के साथ विवाद में जमानत पर चल रहे थे

सहारा इंडिया ग्रुप के प्रमुख सहाराश्री सुब्रत रॉय सहारा का मंगलवार को निधन हो गया है। उन्होंने मुंबई में आखिरी सांस ली। वह लंबे समय से बीमार थे।उनका मुंबई के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। उनका पार्थिव शरीर बुधवार को लखनऊ के सहारा शहर लाया जाएगा, जहां उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी। कारोबारी और राजनीतिक जगत के दिग्गजों ने राय के निधन पर शोक जताया है।

उनका निधन रात 10.30 बजे कार्डिएक अरेस्ट के कारण हुआ। बयान में कहा गया है कि राय कैंसर से जूझ रहे थे जो शरीर में फैल गया था। इसके अलावा उन्हें रक्तचाप और मधुमेह की भी समस्या थी
रेपोर्ट के अनुसार राय की कुल संपत्ति करीब 3 अरब डॉलर (24882 करोड़ रुपये) है
सहाराश्री ने वर्ष 1978 में गोरखपुर से अपना व्यवसाय शुरू किया और सहारा इंडिया परिवार की स्थापना की। वर्ष 2012 में इंडिया टुडे पत्रिका ने सुब्रत रॉय को भारत के 10 सर्वाधिक अमीर लोगों में शामिल किया था। आज सहारा समूह हाउसिंग, मनोरंजन, मीडिया, रिटेल और वित्त सेवाओं जैसे तमाम क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, सहारा समूह के पास जून-2010 तक लगभग 1,09,224 करोड़ रूपये की परिसंपत्ति थी। फोर्ब्स की सूची के अनुसार राय देश में व्यक्तिगत संपत्ति के मामले में सबसे धनवान शख्स थे। देश के कारोबारी दिग्गजों में शुमार किए जाने वाले राय की कुल संपत्ति करीब 3 अरब डॉलर (24882 करोड़ रुपये) थी।
रेलवे के बाद सबसे ज्यादा नौकरियां देने वाले सुब्रत राय के सहारा समूह का पतन सेबी के साथ हुए विवाद से शुरू हुआ। सेबी ने सहारा की कंपनियों सहारा इंडिया रियल एस्टेट कॉरपोरेशन और सहारा हाउसिंग इन्वेस्टमेंट कॉरपोरेशन में जमा निवेशकों की रकम को नियमविरुद्ध तरीके से दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर करने पर आपत्ति जताते हुए करीब 24 हजार करोड़ रुपये जमा कराने का आदेश दिया था। बाद में, मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। कोर्ट ने विशेषाधिकार का इस्तेमाल करते हुए कई महीने तक सुब्रत राय को जेल में रखा। समूह की संपत्तियां बेचने पर रोक लगा दी। मई, 2016 में मां की मौत के बाद उन्हें जमानत मिली और अब तक वह इस मामले में जमानत पर ही थे।

