
राहुल गांधी का एक चुनावी रैली के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को पनौती कहने का मुद्दा गरमाता जा रहा है भारत की क्रिकेट वर्ल्ड कप फाइनल मैच में हार के बाद सोशल मीडिया पर पनौती ट्रेड करने लग गया वर्ल्ड कप के फाइनल मैच में ऑस्ट्रेलिया के हाथों टीम इंडिया को करारी हार मिली थी. इस मैच को देखने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी स्टेडियम में मौजूद थे. अब इसे ही मुद्दा बनाकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पीएम नरेंद्र मोदी की तुलना पनौती से की.
राहुल गांधी के इस बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) उन पर हमलावर हो गई है और उनसे अपने बयान के लिए माफी मांगनी को कह रही है. इस संबंध में बीजेपी नेता रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी पीएम मोदी के लिए जिस तरह के शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं वह अशोभनीय है. राहुल गांधी को मोदी जी से माफी मांगनी होगी. नहीं तो हम देश में इसको बड़ा मुद्दा बनाएंगे.

क्रिकेट विश्वकप के फाइनल में भारतीय टीम हारी तो सोशल मीडिया पर #पनौती ट्रेंड करने लगा। रातभर लोग हार के गम में रहे। कुछ देर बाद ही भाजपा के आईटी हेड अमित मालवीय ने प्रियंका गांधी का वीडियो शेयर करते हुए लिखा, ‘इंदिरा गांधी को अब लोग पनौती बोलेंगे।’ दरअसल, एक चुनावी रैली में प्रियंका ने मंच से बोला था कि 1983 में इंदिरा जी थीं और जीत पर बहुत खुश थीं। पूरी टीम को अपने घर बुलाया था चाय के लिए। आज राहुल गांधी एक चुनावी रैली में बोल रहे थे तभी मुस्कुराते हुए पनौती की चर्चा छेड़ दी। कांग्रेस पार्टी ने 30 सेकेंड का वीडियो एक्स पर शेयर भी कर दिया। राहुल कहते हैं, ‘क्या, पनौती (लोगों की आवाज सुनते हुए) अच्छा भला वहां पे हमारे लड़के वर्ल्ड कप जीत जाते… वहां पर पनौती हरवा दिया। टीवी वाले ये नहीं कहेंगे मगर जनता जानती है।’ पहले अमित मालवीय का ट्वीट देखिए फिर राहुल गांधी का तंज। राहुल गांधी का इशारा स्पष्ट रूप से पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ था। पीएम फाइनल मैच के दौरान अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में मौजूद थे। हार के बाद खिलाड़ी मायूस थे लेकिन पीएम ने उनके बीच जाकर हौसला बढ़ाया था। ऐसे में पनौती का ट्रेंड बहुत से लोगों को समझ में नहीं आया।

वैसे, अमित मालवीय हों या राहुल गांधी दोनों के पनौती का जिक्र करने से साफ है कि इस शब्द का इस्तेमाल दोनों तरफ से किया गया है। ऐसे में कोई भी दूसरे पर नैतिकता का सवाल सीधे तौर पर खड़ा नहीं कर सकता। हमारी सियासत ही इतनी नीचे जा रही है कि विकास की बातें, दावे और नयापन की जगह टारगेटेड अटैक किए जाते हैं। कोई ‘पप्पू’ कहकर वीडियो का क्लिप काटकर किसी की राजनीतिक छवि को खराब करने की कोशिश करता है तो कोई देश के सबसे लोकप्रिय नेता की मौजूदगी को पनौती बता रहा है। यह सवाल नेता खुद तो अपने आप से पूछेंगे नहीं, जनता जरूर सोच रही होगी कि हम किस दिशा में जा रहे हैं? क्या चुनावी रैली में बोलने को यही सब रह गया है।

मूर्खों के सरदार बनाम पनौती
सोशल मीडिया पर चर्चा हो रही है कि क्या पीएम के ‘मूर्खों के सरदार’ का जवाब राहुल गांधी ने ‘पनौती’ से दिया है। राजस्थान में विधानसभा चुनाव से पहले प्रचार काफी तीखा हो चला है। हाल में पीएम ने राहुल पर अटैक करते हुए कहा था, ‘कल कांग्रेस के महाज्ञानी कह रहे थे कि भारत में सब लोगों के पास मेड इन चाइना मोबाइल फोन है। अरे मूर्खों के सरदार, किस दुनिया में रहते हो।’ आज राहुल गांधी की रैली में आगे खड़े लोगों ने शायद पनौती-पनौती की आवाज लगाई तो राहुल गांधी ने मंच से पीएम पर निशाना साधा। कई विपक्षी दलों ने पीएम पर तंज कसते हुए कहा था कि उनके पहुंचने से भारत फाइनल हार गया।

