यातायात व्यवस्था ठप होने की आशंका 16 फरवरी को किसान आंदोलन, आम हड़ताल, रोडवेज का चक्का जाम के चलते कई जगहों पर सड़क जाम होने की आशंका है.
भाकियू चढ़ूनी गुट 16 फरवरी को किसान आंदोलन के समर्थन में टोल कराएगा फ्री, ट्रैक्टर मार्च निकालने का भी एलान
हरियाणा में रोडवेज सर्व कर्मचारी संघ ने 16 फरवरी को पूरी तरह से रोडवेज का चक्का जाम करने का फ़ैसला लिया है हड़ताल की तैयारी करते हुए हस्ताक्षर अभियान चलाया और सभी ड्राइवरों, कंडक्टरों, क्लर्कों और वर्कशॉप के साथियों से हड़ताल में शामिल होने का आह्वान किया गया है. प्रदेश महासचिव सुमेर सिवाच ने कहा कि सरकार की बार- बार की जा रही वादाखिलाफी से कर्मचारियों में भारी रोष है
हरियाणा रोडवेज सर्व कर्मचारी संघ ने कहा हरियाणा सरकार द्वारा राजनीतिक दलों की रैलियों में रोडवेज बसों का इस्तेमाल करना सरकारी मशीनरी का सीधा दुरुपयोग है.

भारतीय किसान यूनियन अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी की अध्यक्षता में कल शुक्रवार को प्रदेश के सभी टोल प्लाजा दोपहर 12 से शाम तीन बजे तक फ्री कराए जाएंगे तो वहीं अगले दिन शनिवार को तहसील स्तर पर ट्रैक्टर रैली निकाली जाएगी।यह फैसला भाकियू चढ़ूनी गुट के अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी की अध्यक्षता में हुई आपात बैठक में लिया गया।बैठक के बाद चढ़ूनी ने पत्रकारों से चर्चा में कहा कि वे आंदोलन कर रहे किसानों की मांगों का समर्थन करते हैं। उनकी मांगें पूरी तरह से जायज हैं और इन्हें सरकार को तत्काल मान लेना चाहिए।

हरियाणा रोडवेज सर्व कर्मचारी संघ की ये है मांगें
- वेतन आयोग का गठन किया जाए.
- निजीकरण की नीतियों को बंद किया जाए.
- हिट एंड रन कानून को वापस लिया जाए.
- पुरानी पेंशन बहाल की जाए.
- परिचालकों व लिपिकों का वेतनमान 35,400 रुपये किया जाए.
- अर्जित अवकाश में कटौती का पत्र वापस लिया जाए तथा अवकाश को पहले की तरह लागू किया जाए.
- जोखिम भत्ता दिया जाए.
- बेड़े में 10 हजार बसें शामिल की जाएं ताकि 60 हजार बेरोजगारों को रोजगार मिल सके.
- 2016 में भर्ती हुए ड्राइवरों समेत कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए.
- वर्कशॉप सहित सभी श्रेणियों में रिक्त पदों को स्थाई भर्ती से भरा जाए.

केंद्र सरकार से किसानों की मांगे
1.किसान नेता न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून बनाने की मांग कर रहे हैं।
2.किसानों ने दिल्ली मोर्चा के दौरान केंद्र सरकार की ओर से जिन मांगों को पूरा करने का भरोसा दिया गया था उन्हें तुरंत पूरा करने की मांग की गई है।
3. साल 2021-22 के किसान आंदोलन में जिन किसानों पर मुकदमें दर्ज किए गए थे, उन्हें रद्द करने की मांग शामिल है।

4. इस बार के आंदोलन में केंद्र सरकार से किसानों की मांग है कि पिछले आंदोलन में जिन किसानों की मौत हुई थी, उनके परिवार को मुआवजा तथा एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई है।
5. किसान नेता चाहते हैं कि लखीमपुर खीरी हिंसा के पीड़ितों को केंद्र सरकार न्याय दे और परिवार के एक सदस्य को नौकरी दें।
6. दिल्ली कूच करने वाले किसानों नेताओं की इस बार सरकार से मांग है कि वह सभी किसानों का सरकारी और गैर सरकारी कर्ज माफ करें।
7. 60 साल से ऊपर के किसानों को 10 हजार रुपये पेंशन देने की मांग भी शामिल है।
8. कृषि व दुग्ध उत्पादों, फलों, सब्जियों और मांस पर आयात शुल्क कम करने के लिए भत्ता बढ़ाने की मांग की गई है।
9. किसान नेता किसान स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग भी कर रहे हैं।
10. केंद्र सरकार से किसान कीटनाशक, बीज और उर्वरक अधिनियम में संशोधन करके कपास सहित सभी फसलों के बीजों की गुणवत्ता में सुधार करने की मांग कर रहे हैं।

किसानों के दिल्ली कूच पर बोले हरियाणा के सीएम
किसानों के दिल्ली कूच पर हरियाणा के सीएम मनोहर लाल ने कहा कि किसान लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखें। ट्रैक्टर खेती के लिए है, ट्रांसपोर्ट के लिए नहीं। बातचीत से समाधान निकलेगा। दिल्ली जाना सबका लोकतांत्रिक अधिकार है लेकिन जाने से पहले मोटिव होना चाहिए।
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