हिसार। कानून एवं न्याय मंत्रालय में क्लर्क लगवाने के नाम पर 8 युवाओं से 52 लाख रुपये ठगने और फर्जी नियुक्ति पत्र सौंपने का मामला सामने आया है। आरोपियों ने पीड़ितों को बरगलाते हुए बताया कि हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की भर्तियों की परीक्षा का अनुबंध उनके पास है। बोर्ड में सेटिंग भी की हुई है। हम तुम्हें नौकरी लगवा देंगे। पुलिस अधीक्षक को दी शिकायत में जींद के गांव डूमरखां के संदीप कुमार ने बताया कि कौथ खुर्द निवासी दिनेश से उसकी दोस्ती है। वर्ष 2017 में वह, दिनेश के साथ किसी काम से पंचकूला गया था। वहां एक दुकान पर चाय पीते समय यूपी के बिजनौर निवासी गौरव-सौरव से मिले थे।

संदीप ने बताया कि 2018 में हमारे पास गौरव-सौरव का फोन आया। उन्होंने कहा कि भर्ती निकलने वाली है। 2019 में फोन आया कि कानून एवं न्याय मंत्रालय में दस लड़कों को नौकरी लगवाना है, अगर तुम कुछ और लोगों को लाओगे तो तुम्हें भी लगवा देंगे। इसके बाद हमने रिश्तेदारी के 8 लोग तैयार हो गए। गौरव व सौरव 21 जुलाई 2019 को हिसार आए। उन्होंने कहा कि ढाई लाख प्रति व्यक्ति के हिसाब से 20 लाख रुपये देने होंगे। हिसार में सिरसा रोड स्थित होटल में गौरव, सौरव के साथ उसके पिता बीर सिंह यादव भी आए थे। हमने तीनों को 20 लाख रुपये कैश दे दिए। एक महीने बाद सौरव का फोन आया कि काम हो जाएगा लेकिन हर एक को चार लाख रुपये के हिसाब से 32 लाख रुपये और देने पड़ेंगे। हमने अगस्त 2019 को 32 लाख रुपये दे दिए। 2020 में कोरोना आने के बाद वे महामारी का बहाना बनाकर टालते रहे।

गौरव- सौरव ने सितंबर 2021 में संदीप और दिनेश के नाम के दो ज्वाइजिंग लेटर दिए। दूसरे 6 लोगों के बाद में नियुक्ति पत्र देने का भरोसा दिया। जब हम पत्र लेकर मंत्रालय पहुंचे तो फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। अब आरोपी रुपये देने में आनाकानी कर रहे हैं। पीड़ितों की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने उत्तरप्रदेश के बिजनौर निवासी बीर सिंह यादव, उनके बेटे गौरव यादव, सौरव यादव के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है पुलिस मामले की जांच कर रही है।
