हिसार, सिरसा रोड़ स्थित उत्तरी क्षेत्र कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (टीटीसी केंद्र) में आयोजित तीन दिवसीय कृषि दर्शन प्रर्दशनी का समापन हो गया। इस बार कृषि प्रदर्शनी में किसानों ने ही आमजन ने भी जानकारी। आसपास के क्षेत्रों से काफी किसानों ने मेले में शिरकत की।
मेले की झलकियां-
करो योग रखो अपनी फसल को निरोग- सहज योग
फसल की विफलता, खाद्य गुणवत्ता में गिरावट और पर्यावारण गिरावट सहित देश भर में किसानों के सामने मौजूद चनौतियों के आलोक में आशा और नवाचार की किरण बनकर उबरा है। सहज दर्शन प्रचार प्रसार समिति के द्वारा चलाये जा रहे योग दिवस में किसानों को योग करके अपनी फसलों को कैसे निरोग किया जा सकता है इस बारे में जानकारी दी और कैसे यह सब किया जा सकता है किसानों को दस मिनट करके सिखाया। इसका प्रयोग हरियाणा ही नहीं राजस्थान, पंजाब, यूपी व महाराष्ट्र के किसान कर रहे है और उन्हें लाभ मिल रहा है। हरियाणा के करूक्षेत्र जिले के किसान नरेन्द्र शर्मा ने बताया कि मैनें इस पद्धति को अपनी एक एकड़ में चावलों की खेती में इस्तेमाल करके अपने उत्पादन और उस फसल के स्वाद में फर्क जाना। पहले मैनें एक एकड़ में यह प्रयोग किया था अब मैं यह प्रयोग अपने 10 एकड़ जमीन में कर रहा हूँ।
फुली ऑटोमेटिक ट्रैक्टर-
अलग-अलग कम्पनियों के द्वारा नए ट्रैक्टरों की लांचिग की गई। जिसमें महिंद्रा के ओजा ट्रैक्टर को लोगों ने ज्यादा पसंद किया। यह ट्रैक्टर लगभग फूली ऑटोमेटिक था। स्टैरिंग धुमाने पर अपने आप ब्रैक लगना और काफी काम कुछ बटनों के जरिये ही आसानी हो जाना इसकी मुख्य विशेषता थी। खेत से बाहर निकलते ही अपने आप स्प्रे बंद हो जाएगा।
जमीन समतल मशीन-
जमीन समतल करने के लिए गुरबाज मशीनरी द्वारा जमीन समतल मशीन को किसानों ने रूबरू करवाया। एक कोने से दूसरे कोने तक एक एमएम का फर्क भी नहीं आएगा इसकी मुख्य विशेषता थी। सात से 10 फीट तक घटाया या बढ़ाया जा सकता है।


बिजली से चलने वाला ट्रैक्टर-
दस रूपये से भी कम प्रतिघण्टा चल सकता है सुकून सोलूशन का हलदार 750 ट्रैक्टर लोगों के बीच चर्चा में रहा। आगे पीछे हाईड्रोलिक लिफ्ट, 2 टन तक फसल ले जाने की क्षमता, 6 से 7 घण्टे में चार्ज और एक बार चार्जिंग के बाद 5 से 6 घण्टे तक काम कर सकता है। संकरी जगह में काम करने की क्षमता।
जैविक खेती को बढ़ावा-
समुन्द्री घास से बढ़ेगी पैदावार-
बायोजाइन नाम से यह उत्पाद समुन्द्री घास से तैयार किया गया है जो कि बीज डालते समय मिट्टी में मिलाया जाता है। जिससे बीज अच्छे से अंकुरित होता है साथ ही खाद को अच्छे से ले पाता है। मिट्टी की गुणवत्ता को बढ़ाता है जिससे जैविक खेती में क्रांति आयेगी और किसान जैविक खेती में भी अपनी आय को दोगुणा तक बढ़ा सकेगें।
हृदय रोगियों के लिए भी सौगात-
हरियाणा के प्रगतिशील किसान के द्वारा बनाया गया जूस मेले में बहुत चर्चित रहा। न्यू नैना देवी फतेहाबाद की कम्पनी ने जोकि एक किसान द्वारा चालित है उन्होनें किसानों व आमजन को अवगत कराया कि अंजीर, अश्वगंधा और अर्जुन की छाल के अर्क से यह जूस तैयार किया गया है जिस किसी व्यक्ति को दिल की बीमारी है या उसकी नसें ब्लोक है वो तीन महीने तक इसका सेवन करें अगर लाभ नहीं मिलता है तो पैसे वापिस कर दिये जाएगें। यह जूस इम्यूनिटी को बढ़ाता है, पेट की किसी तरह की बीमारी हो उसे ठीक करता है, बीपी ऊपर या नीचे रहता है तो उसमें भी कारगार है।

शुगर फ्री में भी उपलब्ध है।
ताजे अंजीर से बना हुआ जूस जोकि बच्चों और महिलाओं के लिए भी है और जल्द ही आस-पास के क्षेत्रों में आसानी से उपलब्ध हो सकेगा। अंजीर के खेती लगभग 50 एकड़ में की जा रही है आय को अबतक दोगुणा से ज्यादा बढ़ाया है। हमारे साथ 90 किसान जुड़े हुए है।
किसानों को लोन की सुविधा-
कृषि प्रदर्शनी में एग्रीवाईज फाइनांस कम्पनी द्वारा किसानों को खेती या अन्य कई प्रकार के लोन कैसे लिये जा सकते है और वो भी कम रेटों पर की जानकारी दी।
ड्रोन प्रशिक्षण के लिए बुकिंग-
उत्तरी क्षेत्र कृषि मशीनरी प्रशिक्षण एवं परीक्षण संस्थान (टीटीसी केंद्र) द्वारा मेले आए हुए किसानों व आमजन की ड्रोन प्रशिक्षण के लिए रजिस्ट्रैशन भी किया। टीटीसी केन्द्र में दी जाने टै्रनिंगों के बारे किसानों को बताया। संस्थान द्वारा ड्रोन की ट्रैनिंग सरकारी रेटों पर दी जा रही है। अबतक 100 से अधिक लोगों को ड्रोन की ट्रैनिंग दी गई है जिसमें से 42 महिलाएं भी इस ट्रैनिंग में शामिल है। ड्रोन की ट्रैनिंग के लोगों में खासा उत्साह है। भारत सरकार के द्वारा 15000 ड्रोन पूरे भारत में देने की योजना भी आई है।
मेले में ड्रोन की काफी कम्पिनयों ने शिरकत की और किसानों व आमजन को उनकी विशेषताओं से रूबरू करवाया। उन्हीं में से एक गरूड़ा किसान ड्रोन ने बताया कि भारत सरकार द्वारा जो पहले एक हजार किसानों को ड्रोन दिया जायेगा उसमें हमारे 480 ड्रोन है। इस ड्रोन में 25000 एमएच की दो बैटरी लगी हुई है जोकि आधे घण्टे तक खेत में स्प्रै का छिडक़ाव कर सकती है। किसी भी प्रकार की बाधा को जानने के लिए दो सैंसर लगे हुए है। एक एकड़ में छिडक़ाव करने के लिए केवल 7 मिनट लगते है। 25 किलो तक उठाने की क्षमता है और इस पर बिना गांरटी का लोन भी उपलब्ध है। साथ ही 3 प्रतिशत की सब्सिडी भी है।
सोलर की नई-नई तकनीक-
आज की और भविष्य की जरूरत है सौर ऊर्जा, इसे कैसे ज्यादा से ज्यादा उपयोग में लाया जा सके हमारा देश ही नहीं विदेशों के वैज्ञानिक भी नई-नई शोध कर रहे है। इसी बीज रिहाईन सोलर द्वारा किसानों के लिए 600 वाट और उससे ऊपर के पैनल को लेकर आई रा रही नई तकनीकों और वो कैसे कीफायती दामों पर मिल सकेगी उसके बारे में बताया। कम्पनी के डायरेक्टर शिव मित्तल ने बताया कि प्रदेश भर में अलग-अलग कम्पनियां इस क्षेत्र में काम कर रही है लेकिन अभी तक सोलर पैनल जो आ रहे थे वो 500 वाट तक के आ रहे थे। हम इस मेले के जरिये किसानों को 650 वाट तक के नए सौलर सिस्टम के बारे में बता रहे है। यह पहले से गुणवत्ता में काफी अच्छा है ज्यादा साल चलेगा और बिजली की उत्तपत्ति भी ज्यादा करेंगा। इसको लगाने से किसान को मात्र ढाई साल में ही पैसे वसूल हो जाएगें।

टीटीसी के निदेशक द्वारा सम्मानित-
कृषि मेले में आए हुए कम्पनियों के निर्माताओं को टीटीसी के निदेशक द्वारा सम्मानित किया और कहा कि अपने अविष्कारों को ऐसे ही दिन प्रतिदिन करते रहे और किसानों की पैदावार को बढ़ाने में सहयोग करते रहें। मेले में आए सभी किसान व आमजन को धन्यवाद दिया, आगे भी इसी प्रकार की प्रदर्शनी किसानों के लिए लगाते रहेगें और नए-नए अविष्कारों से रूबरू करवाते रहेगें का आशवासन दिया। संस्थान के निदेशक ने बताया कि कृषि प्रदर्शनी के जरिये किसान ही नहीं आमजन के लिए आधुनिक व नई तकनीकें लाना कृषि दर्शन किसान मेले का मुख्य उद्देश्य है।