जनस्वास्थ्य विभाग में ठेकेदार का लाखों रुपए था बकाया
बिल पास करने की ऐवज में मांगी थी रिश्वत
गिरीश कुमार पहले भी पकड़ा गया था
हिसार, (एसीबी) भ्रष्टाचार निरोधक दस्ता ने शुक्रवार शाम करीब 4:45 बजे जनस्वास्थ्य विभाग के मॉडल टाउन स्थित कार्यालय पर ठेकेदार कृष्ण कुमार की शिकायत पर छापा मारा। इस दौरान उपमंडल इंजीनियर (एसडीई) गिरिश और सीनियर डिविजन क्लर्क विनोद कुमार को 17,000 रुपये की रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया। टीम को एसडीई गिरिश की मेज की दराज से 17 हजार रुपये मिले। एसीबी की टीम दोनों आरोपियों को शनिवार अदालत में पेश करेगी। टीम आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

जानकारी के अनुसार बरवाला के गांव जेवरा निवासी ठेकेदार कृष्ण कुमार ने एसीबी को शिकायत देकर कहा कि कि उसने जनस्वास्थ्य विभाग में टेंडर लेकर काम किया था। जिसकी करीब 9 लाख रुपये के बिल विभाग में अटके हुए थे। कृष्ण कुमार ने अपनी शिकायत में कहा कि अधिकारी उससे बिल पास करने की एवज में रिश्वत मांग रहे हैं। एसीबी ने इंस्पेक्टर अजीत सिंह, एएसआई बिजेन्द्र सिंह, मुख्य सिपाही मोहित, सिपाही राजेश, पूजा की टीम बनाई। उच्च अधिकारियों की अनुमति से बरवाला नहर विभाग के एसडीओ अजय सिहाग, जूनियर इंजीनियर शुभम को स्वतंत्र गवाह के तौर पर साथ लिया। टीम ने ठेकेदार कृष्ण को हस्ताक्षरयुक्त एवं पाउडर लगे नोट थमाए।

इसके बाद ठेकेदार कृष्ण कार्यालय पहुंचा। कृष्ण ने विनोद को 17 हजार रुपये दिए। इसके बाद वह एसडीई के पास गया। कृष्ण का इशारा मिलते ही एसीबी की टीम मौके पर पहुंची और दोनों की तलाशी ली, मगर रिश्वत के रुपये नहीं मिले। इसके बाद एसडीई गिरिश की मेज की दराज की तलाशी लेने पर 17 हजार रुपये के हस्ताक्षरयुक्त नोट बरामद हो गए। इस पर टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एससीबी की टीम ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। बता दें कि क्लर्क विनोद कुमार का हिसार से तबादला हो चुका है।

बताया जा रहा है कि पकड़े गए एसडीई गिरीश कुमार व एंटी करप्शन ब्यूरो का पुराना नाता रहा है। एंटी करप्शन ब्यूरो के सूत्रों के अनुसार जिस समय गिरीश कुमार जेई था तो उस समय भी रिश्वत के एक मामले में विजीलेंस ने उसे गिरफ्तार किया था। अब पदोन्नति के बाद गिरीश कुमार एसडीई बने तो फिर हत्थे चढ़ गया।

