हिसार, सर्वेश हेल्थ सिटी में स्ट्रेस मैनेजमेंट एवं इमोशनल स्टेबिलिटी के विषय पर सेमिनार का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य रूप से ब्रह्माकुमारी माउंट आबू हेडक्वार्टर से प्रसिद्ध वक्ता डॉ प्रेम मसंद ने शिरकत की, ब्रह्माकुमारी हिसार से डॉ आर पी गल्होत्रा कोऑर्डिनेटर मेडिकल विंग, आई एम ए हिसार से प्रेसिडेंट,सेक्रेटरी,ट्रेजरर वह अन्य पदाधिकारी भी पहुंचे यह कार्यक्रम मुख्य रूप से हिसार के डॉक्टरस के लिए रखा गया था सर्वेश हेल्थ सिटी की सी ई ओ श्रीमती एम विजयलक्ष्मी व सभी डॉक्टर उपस्थित रहे,

डॉ प्रेम मसंद के अनुसार आजकल डॉक्टरस एवं अस्पताल से जुड़े लोगों की लाइफ बेहद स्ट्रेसफुल हो चुकी है जो लोग अस्पताल पहुंचते हैं चाहे वह पेशेंट हो या उनके साथ आए लोग वह भी अस्पताल के अंदर किसी न किसी तरह का तनाव महसूस कर रहे होते हैं तो उस तनाव को कम करने के लिए स्ट्रेस मैनेजमेंट और इमोशनल स्टेबिलिटी की आवश्यकता है कार्यक्रम के शुभारंभ मे सर्वप्रथम सर्वेश हेल्थ सिटी के चेयरमैन डॉ उमेश कालरा व डॉ सरिता कालरा ने डॉ प्रेम मसंद एवं ब्रह्माकुमारी आश्रम से आई सिस्टरस व अन्य सदस्यों का पुष्प देकर स्वागत किया तत्पश्चात दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया गया

डांस करते हुए डॉक्टर्स व अन्य 👇


डॉ कालरा ने बताया की डॉक्टर प्रेम मसंद ब्रह्मा कुमारीज,ABU(कंसलटेंट एंड फैकल्टी) ब्रह्मा कुमारीज राजयोगा एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन में कार्यरत है
वह लेखक है प्रसिद्ध किताब “पॉजिटिव पावरफुल परपजफुल थिंकिंग”आपने जीवन के सभी क्षेत्रों में व्यक्तियों को सशक्त बनाने और प्रेरित करने और नकारात्मक भावनाओं को दूर करने के लिए विश्व स्तर पर यात्रा की है,आज हमारे बीच डॉ प्रेम मसंद एवं उनकी टीम स्ट्रेस मैनेजमेंट और इमोशनल स्टेबिलिटी के विषय पर बात करने के लिए पहुंचे हैं

डॉ प्रेम मसंद ने बताया
हमारी पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ की वजह से अक्सर हम कई बार तनाव का शिकार हो जाते हैं। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं लेकिन इसका परिणाम यह होता है कि यह हमारी सेहत और प्रोडक्टिविटी को कम कर सकता है। इसलिए स्ट्रेस को मैनेज करना काफी जरूरी होता है।
घर और ऑफिस के कामों में हम अक्सर इतना उलझ जाते हैं कि अपने खुद के लिए हमारे पास वक्त ही नहीं बचता। इतनी व्यस्त लाइफस्टाइल की वजह से, हम अक्सर ही स्ट्रेस का आसानी शिकार बन जाते हैं। स्ट्रेस हमारी फिजिकल और मेंटल हेल्थ के लिए काफी नुकसानदेह हो सकता है।

दरअसल, तनाव अधिक होने की वजह से हमारे शरीर में कोर्टिसोल की मात्रा बढ़ जाता है, जो सेहत के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। इसकी वजह से हमारी प्रोडक्टिविटी भी कम हो सकती है। इसलिए हमारी कोशिश यह होनी चाहिए कि हम स्ट्रेस को कम करें। इसके स्ट्रेस मैनेजमेंट सीखना काफी आवश्यक होता है। कई छोटी-छोटी एक्टिविटीज की मदद से हम तनाव को कम कर सकते हैं। अपनी लाइफस्टाइल की वजह से भी हम तनाव का शिकार हो जाते हैं।एक्सरसाइज और अपनी हॉबी के लिए समय निकालना तनाव कम करने में मदद कर सकता है।
नींद की कमी की वजह से भी तनाव अधिक हो सकता है।तनाव भरे दिन के बाद अपनी फेवरेट हॉबी के लिए वक्त निकालना, काफी रिलैक्सिंग और रिफ्रेशिंग महसूस करवा सकता है। गार्डनिंग, रीडिंग जैसी कोई भी एक्टिविटी, जो आपको पसंद हो, उसके लिए थोड़ा वक्त निकालें।