अनुसूचित जाति के लोगों के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने का मामला
तीनों सेलिब्रिटी हाईकोर्ट के निर्देश पर अंतरिम जमानत पर हैं.
मुकदमे में तीन साल बाद भी चालान पेश न करने का आरोप लगाया है।
हिसार,पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह, टीवी अभिनेत्री मुनमुन दत्ता उर्फ बबीताजी और बॉलीवुड अभिनेत्री युविका चौधरी के खिलाफ अनुसूचित जाति के लोगों के विरुद्ध अभद्र टिप्पणी करने का मामला दर्ज है। अब एससी-एसटी एक्ट के तहत हिसार की स्थापित विशेष अदालत में याचिका दायर की गई है। शिकायतकर्ता रजत कलसन ने हांसी थाना शहर में दर्ज मुकदमे में तीन साल बाद भी चालान पेश न करने का आरोप लगाया है।

याचिका में स्टेट क्राइम ब्रांच के एडीजीपी ओपी सिंह, स्टेट क्राइम ब्रांच हिसार जोन के इंचार्ज आईपीएस हामिद अख्तर और जांच अधिकारी डीएसपी ललित सिंह के खिलाफ तीनों आरोपी हस्तियों को जांच में फायदा पहुंचाने और अनुसूचित जाति से संबंधित शिकायतकर्ता के केस को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। इस याचिका पर अदालत ने बहस के लिए 27 मार्च की तिथि निर्धारित की है।

जमानत पर हैं तीनों सेलिब्रिटी
बता दें कि युवराज सिंह, मुनमुन दत्ता उर्फ बबीता जी और युविका चौधरी के खिलाफ अधिवक्ता कल्सन ने थाना शहर हांसी में एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज कराए थे. जिसकी जांच पहले हांसी पुलिस ने की थी. जिसके चलते पहले मुनमुन दत्ता ने सुप्रीम कोर्ट में एफआईआर को खारिज कराने के लिए याचिका दायर की थी जिसे सुप्रीम कोर्ट द्वारा खारिज कर दिया गया था इसके बाद युवराज सिंह की भी एफआईआर खारिज करने की याचिका पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट से खारिज हो चुकी है.

तीनों सेलिब्रिटी हाईकोर्ट के निर्देश पर अंतरिम जमानत पर हैं. इस मामले में हांसी पुलिस से जांच लेकर कर स्टेट क्राइम ब्रांच को दे दी गई थी जिसके बाद से तीनों मामले ठंडे बस्ते में डाले हुए हैं.कलसन का कहना है कि एससी-एसटी एक्ट की धाराओं में दर्ज मामलों में पुलिस को 60 दिन के अंदर जांच पूरी करनी होती है और सीआरपीसी की धारा में अधिकतम समय सीमा 90 दिन की है। इसके बावजूद तीन साल बाद भी स्टेट क्राइम ब्रांच के जांच अधिकारी ने तीनों सेलिब्रिटीज के खिलाफ विशेष अदालत में चालान पेश नहीं किया है।

