बृजेंद्र सिंह ने दिल्ली में कांग्रेस का दामन थाम लिया
इस्तीफे की वजह बृजेंद्र सिंह की भाजपा से टिकट कटने की संभावना मानी जा रही है
जजपा के साथ गठबंधन जारी रखने पर बीरेंद्र और बृजेंद्र सिंह ने भाजपा छोड़ने का एलान किया था
कांग्रेस 2004 के बाद से हिसार लोकसभा सीट पर जीत हासिल नहीं कर पाई, बृजेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने से उम्मीद जगी
रविवार को हरियाणा में भाजपा को बड़ा झटका लगा है। हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह ने आज भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बृजेंद्र सिंह का इस्तीफा बीजेपी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। हिसार लोकसभा सीट पर चौधरी बीरेंद्र सिंह और भजनलाल के परिवार का दबदबा रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में इनेलो से दुष्यंत चौटाला ने भी बतौर प्रत्याशी जीत हासिल की थी। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में दुष्यंत चौटाला को बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह ने हरा दिया था, जबकि भजनलाल के पोते भव्य बिश्नोई तीसरे स्थान पर रहे थे।

कांग्रेस की बात करें तो 2004 के बाद से हिसार लोकसभा सीट पर जीत हासिल नहीं हो पाई। अब बृजेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने से उम्मीद जगी है। हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। इसकी जानकारी उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर दी। बृजेंद्र सिंह ने दिल्ली में कांग्रेस का दामन थाम लिया है। बृजेंद्र सिंह मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। बीरेंद्र सिंह 2014 में विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा में शामिल हुए थे। इसके बाद उन्हें राज्यसभा का सदस्य बनाकर केंद्रीय मंत्री बनाया गया था।

2019 के लोकसभा चुनाव में बीरेंद्र सिंह ने अपने बेटे बृजेंद्र सिंह को टिकट दिलाया था। जानकारी के अनुसार बृजेंद्र सिंह भाजपा की टिकट कटने की संभावना मानी जा रही थी। जजपा के साथ गठबंधन जारी रखने पर बीरेंद्र और बृजेंद्र सिंह ने भाजपा छोड़ने का एलान किया था। ।
बृजेंदर सिंह सीट को लेकर आश्वस्त नहीं थे
भाजपा की टिकट पर प्रत्याशियों को लेकर कोर कमेटी की एक बैठक रविवार देर शाम होने की संभावना है। जानकारी के अनुसार बृजेंद्र सिंह सीट को लेकर आश्वस्त नहीं थे। भाजपा के आंतरिक सर्वे में कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जाहिर की थी। इसके बाद हिसार लोकसभा से पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु ,पूर्व सांसद कुलदीप बिश्नोई , डिप्टी स्पीकर रणबीर गंगवा को उतारने की तैयारी चल रही थी।

बीरेंद्र सिंह के परिवार की 10 साल बाद कांग्रेस में वापसी
बीरेंद्र सिंह ने 2014 में कांग्रेस छोड़ी थी। इसके बाद भाजपा ने राज्यसभा सदस्य बनाकर उन्हें केंद्रीय इस्पात मंत्री बनाया था। उनकी पत्नी प्रेमलता को उचाना सीट से विधायक बनाया। 2019 में बृजेंद्र सिंह को हिसार लोकसभा सीट पर उतारा गया था। अब दस साल बाद बीरेंद्र सिंह का परिवार कांग्रेस में वापसी कर रहा है।

भाजपा जजपा गठबंधन भी बना कारण
बृजेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में भाजपा जजपा का गठबंधन भी पार्टी छोड़ने का एक कारण है। दो अक्तूबर को हुई रैली में ये मुद्दा उठाया गया था।
पिछले तीन महीनो से पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ हो रही है लगातार मुलाकात
पिछले तीन महीने में बीरेंद्र सिंह की पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ तीन मुलाकात हुई। इसके बाद सियासी गलियारों में बीरेंद्र सिंह के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई थी.

क्या बोले बृजेंद्र सिंह……. .
हिसार से भाजपा सांसद बृजेंद्र सिंंह ने कांग्रेस में शामिल होने के बाद कहा कि कुछ राजनीतिक कारण काफी समय से बन रहे थे जिसमें असहजता एक अहम विषय है। इसमें मुख्यत: विचार के मामलों में मेरी सहमति पार्टी (भाजपा) से नहीं थी जिस कारण मैंने यह निर्णय लिया है। मैं आज भाजपा से इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो रहा हूं। मैं मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी व पार्टी के अन्य नेताओं का धन्यवाद करता हूं।

