डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला द्वारा शेर के माध्यम से तंज कस्ते हुए कहा था “दर-दर पे जाकर दुआ बदलते हैं।
लोग ख़ुद नहीं बदलते, ख़ुदा बदलते हैं” इस पर पलटवार करते हुए बृजेंद्र सिंह ने कहा उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। जिसके खिलाफ चुनाव लड़े, सत्ता के लिए बाद में उनकी ही गोद में बैठ गए

पार्टी टिकट देगी तो लोकसभा चुनाव लड़ने को तैयार हूँ

किसान आंदोलन, महिला पहलवानों और अग्निवीर जैसे मुद्दों पर भाजपा से सहमत नही था

हिसार से सांसद बृजेंद्र सिंह पार्टी छोड़ने के एक दिन बाद भाजपा पर जमकर निशाना साधा। पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि भाजपा में अनुशासन नजर आता है लेकिन भाजपा में गुटबाजी खूब है और अभी वहां पर पर्दा पड़ा है, जिस दिन पर्दा उठेगा तो कई गुट सामने आएंगे।मीडिया से बातचीत में बृजेंद्र सिंह ने कहा कि अभी वह कांग्रेस में नए हैं और उन्हें गुटबाजी से कोई मतलब नहीं है। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सुरजेवाला के साथ उनके पारिवारिक रिश्ते हैं और कई पीढ़ियों से हैं। वह सभी के साथ मिलकर और सभी को साथ लेकर चलेंगे।

अगर पार्टी टिकट देगी तो वह लोकसभा का चुनाव लड़ने को तैयार हैं।भाजपा में टिकट कटने की आशंका के सवाल पर उन्होंने कहा कि टिकट तो कोई मुद्दा ही नहीं है। वह कई माह से कांग्रेस के संपर्क में थे, क्योंकि किसान आंदोलन, महिला पहलवानों और अग्निवीर बड़े मुद्दे थे और वह इसको लेकर सहमत नहीं थे लेकिन भाजपा ने इन मुद्दों को लेकर कोई राय नहीं ली गई।

भाजपा छोड़ने को लेकर जजपा की जीत समझने के सवाल पर बृजेंद्र सिंह ने कहा कि वह पहले ही कह चुके थे कि जजपा के साथ भाजपा का गठबंधन रहेगा तो वह भाजपा छोड़ देंगे, किसी भी भाजपा कार्यकर्ता और नेता से बात की जाए तो वह भी गठबंधन के खिलाफ है। डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला द्वारा शेर के माध्यम से तंज कसने पर उन्होंने कहा कि उन्हें पहले अपने गिरेबान में झांककर देखना चाहिए। जिसके खिलाफ चुनाव लड़े, सत्ता के लिए बाद में उनकी ही गोद में बैठ गए

भाजपा जजपा गठबंधन भी बना कारण
बृजेंद्र सिंह ने कहा कि हरियाणा में भाजपा जजपा का गठबंधन भी पार्टी छोड़ने का एक कारण है। दो अक्तूबर को हुई रैली में ये मुद्दा उठाया गया था।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के लगातार संपर्क में थे

पिछले तीन महीने में बीरेंद्र सिंह की पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ तीन मुलाकात हुई। इसके बाद सियासी गलियारों में बीरेंद्र सिंह के भाजपा छोड़कर कांग्रेस में शामिल होने की चर्चा शुरू हो गई थी.

हिसार लोकसभा सीट पर चौधरी बीरेंद्र सिंह और भजनलाल के परिवार का दबदबा रहा है। 2014 के लोकसभा चुनाव में इनेलो से दुष्यंत चौटाला ने भी बतौर प्रत्याशी जीत हासिल की थी। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में दुष्यंत चौटाला को बीरेंद्र सिंह के बेटे बृजेंद्र सिंह ने हरा दिया था, जबकि भजनलाल के पोते भव्य बिश्नोई तीसरे स्थान पर रहे थे।कांग्रेस की बात करें तो 2004 के बाद से हिसार लोकसभा सीट पर जीत हासिल नहीं हो पाई। अब बृजेंद्र सिंह के कांग्रेस में शामिल होने से उम्मीद जगी है