भाजपा का 2024 के चुनाव में मोदी की गारंटी नामक दस्तावेज किसानों के लिए खतरे की घंटी है आने वाले चुनाव के पहले चरण से मात्र चार दिन पहले जारी हुआ भारतीय जनता पार्टी का यह घोषणा पत्र किसानों के लिए खुली घोषणा है कि अगर भाजपा तीसरी बार सत्ता में आती है तो खेती और किसानों के लिए कोई उम्मीद नहीं होगी।आमतौर पर घोषणा पत्र में राजनैतिक दल अपनी ओर से जनता के हित में बढ़ चढ़कर दावे और वायदे करते है। इस बार भाजपा ने घोषणा पत्र में किसी भी वर्ग के लिए कोई भी ऐसी घोषणा नहीं की जिसके चलते देश की जनता भारतीय जनता पार्टी की ओर आकर्षित हो पिछले कुछ वर्षों से किसान लगातार अपनी मांगों के लिए समय-समय पर आंदोलन करते रहे हैं आंदोलन के दौरान दिल्ली के तमाम बॉर्डर पर लंबे समय तक किसान अपनी मांगों के लिए धरने पर बैठे रहे और उस किसान आंदोलन के दौरान 800 किसने की शहादत के बाद सरकार ने किसानों के साथ समझौता करते हुए तीन काले कानून वापस लेने की घोषणा के साथ-साथ किसानों की अनेक मांगो को पुरा करने का वादा किया था। लेकिन अपने घोषणा पत्र में किसानों के तमाम मुद्दों और किसान आंदोलन की सभी मांगों पर भाजपा की चुप्पी से जाहिर होता है कि या तो किसान आंदोलन के हाथों हुआ अपमान मोदी जी आज तक भूल नहीं है पाए है या फिर भाजपा को भरोसा है कि किसान का वोट लेने के लिए खेती और किसान के बारे में कुछ भी कहने या करने की कोई जरूरत नहीं है। भाजपा मुद्दों की जगह मोदी और जवान – किसान की जगह हिंदू मुसलमान से काम चलाना चाहती है भाजपा ने अपने इस घोषणा पत्र में अपने 10 साल के सुशासन और विकास के कुछ दावे किए हैं और अलग-अलग क्षेत्र के बारे में कुछ वादे भी किए हैं यह दावों के बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि भाजपा की चुप्पी 2016 में भाजपा ने लगातार देश के किसानों को उनकी आय दोगुना करने की डुगडुगी बजाई थी। पिछले चुनावी घोषणा पत्र में भी इस वादे को दोहराया गया था लेकिन इस 6 वर्षीय योजना की मियाद 2022 में पूरी होने के बाद भी भाजपा ने इस बारे में अब एक शब्द भी नहीं कहा। न तो अपने वादे को दोहराया न हीं देश को हिसाब दिया कि आखिर भाजपा यह वादा क्यों पूरा नहीं कर सकी।भारतीय जनता पार्टी ने 11 करोड़ किसान परिवारों को सालाना किसान सम्मन निधि के तहत ₹6000 देने का दावा दोहराया है यहां यह भी सच है की सरकार द्वारा काफी किफायत से कम लिया गया है यह नहीं बताया गया कि देशभर के 14 करोड़ किसान परिवार की वजाय 11करोड किसान परिवार घोषणा की जगह कभी 9 करोड़ तो कभी 10 करोड़ परिवारों को यह राशि क्यों मिलती है इस बड़े सच में यह भी छुपाया गया है कि इस योजना की घोषणा के बाद देश में महंगाई सूचकांक लगभग 30 से 33% तक बढ़ गया है यानी की 2019 में ₹6000 की राशि की जो कीमत थी उसे बनाए रखने के लिए आज कम से कम ₹9000 की जरूरत है। भाजपा का घोषणा पत्र किसानों पर कर्ज के बोझ के सवाल पर पूरी तरह से छुपी साथ गया है जबकि सरकारी आंकड़े यह बताते हैं कि देश के बहुसंख्यक किसान कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। इसी प्रकार फसल के नुकसान की समस्या को लेकर भारतीय जनता पार्टी का यह घोषणा पत्र पूरी तरह आश्वस्त दिखाई देता है की फसल बीमा योजना से ही उसका समाधान कर दिया गया है जबकि आंकड़े यह बताते हैं कि फसल बीमा योजना का लाभ उठाने वाले किसानों की संख्या लगातार कम हुई है जबकि बीमा कंपनियों का मुनाफा लगातार बढ़ता गया है इसलिए मोदी की गारंटी पूरी तरह से किसानों के साथ धोखा के अलावा कुछ भी नहीं है देश के किसानों के हित पूर्ण रूप से कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के हाथों में सुरक्षित हैं।
मोदी की गारंटी किसानों के साथ धोखे के सिवाय कुछ नही- छत्रपाल सोनी
