शराब घोटाले से जुड़े मामले में 21 मार्च को गिरफ्तार किया था !
दिल्ली में 25 मई को है चुनाव !
आज सुप्रीम कोर्ट में पांच मिनट से कम की सुनवाई के दौरान केजरीवाल को अंतरिम राहत दे दी। आपको बता दें कि दिल्ली के सीएम कथित शराब घोटाले से जुड़े मामले में जेल में बंद हैं। ईडी ने अरविंद केजरीवाल की जमानत का विरोध करते हुए गुरुवार को एक नया हलफनामा दायर किया था। ईडी ने कहा कि चुनाव प्रचार जमानता का आधार नहीं हो सकता। यह न तो फंडामेंटल राइट है और न ही लीगल राइट।
चुनावी घमासान के बीच दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के लिए अच्छी खबर है। दिल्ली एक्साइज पॉलिसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की जांच का सामना कर रहे केजरीवाल को सुप्रीम कोर्ट ने एक जून तक के लिए अंतरिम जमानत दे दी है।

केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और लोकसभा चुनाव (Lokshabha Elections 2024) से ठीक पहले अरविंद केजरीवाल का जेल से बाहर आना आम आदमी पार्टी के लिए बड़ी राहत की खबर है. दिल्ली में 25 मई को लोकसभा चुनाव हैं, जिनमें अब सिर्फ 15 दिन का समय रह गया है. दिल्ली में आम आदमी पार्टी कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है. केजरीवाल चुनाव से पहले बाहर आ रहे हैं, तो पार्टी को काफी सहारा मिलेगा. केजरीवाल की अनुपस्थिति में अभी उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल चुनाव प्रचार में जुटी हुई हैं.

न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली पीठ ने हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय के वकील अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू से कहा था कि वह केजरीवाल को अंतरिम राहत पर शुक्रवार को आदेश पारित कर सकते हैं। केजरीवाल को (अब समाप्त हो चुकी) दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति 2021-22 में कथित अनियमितताओं से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग जांच के सिलसिले में 21 मार्च को ईडी ने गिरफ्तार किया था।
हाल ही में ईडी ने केजरीवाल की जमानत अर्जी का विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट में एक हलफनामा दायर किया था। इसमें केंद्रीय एजेंसी ने कहा था कि चुनाव में प्रचार करने का अधिकार न तो मौलिक अधिकार है और न ही संवैधानिक। वहीं, ईडी के हलफनामे पर केजरीवाल की लीगल टीम ने कड़ी आपत्ति जताई थी। हालांकि ईडी की सभी दलीलों को दरकिनार करते हुए अदालत ने केजरीवाल को अंतरिम जमानत दे दी।

