गूगल के हेल्पलाइन नंबर से हो सकती है ठगी, रहे सावधान पुलिस अधीक्षक हिसार।

ठगो ने गूगल पर कई कपंनियों के फर्जी नंबर रजिस्टर्ड किए हैं।

ठग कंपनी से मिलती जुलती फेक वेबसाइट भी बना रहे हैं।

गूगल से नंबर निकालना लोगों को मुसीबत में डाल रहा है। कई लोग गूगल पर हेल्पलाइन नंबर सर्च करने के बाद ठगी का शिकार हो रहे है। इसलिए लोगों को सतर्कता बरतने की जरूरत है।

पुलिस अधीक्षक महोदय ने बताया कि धोखेबाजों ने गूगल सर्च इंजन पर योग शिविर, रेस्टोरेंट, अस्पताल व कई कपंनियों के फर्जी नंबर रजिस्टर्ड किए हैं। गूगल पर ज्यादातर नंबर कंपनी के नहीं, बल्कि धोखेबाजों के होते हैं। वे गूगल पर जाकर बड़ी कंपनियों के कस्टमर केयर की जगह अपना नंबर कंपनी के नाम से पोस्ट कर रहे हैं। इस तरह से नंबर और पता गूगल बिजनेस अकाउंट के जरिए गूगल पर लिस्ट किया जा रहा है। साइबर ठग लोगों को झांसा देने के लिए उस कंपनी से मिलती जुलती फेक वेबसाइट भी बना रहे हैं। इसके अलावा गूगल मैप और गूगल सर्च में बड़ी कंपनियों और अन्य संस्थानों के कांटेक्ट डिटेल्स को एडिट कर फर्जी नंबर अपडेट कर देते हैं।

उन्होंने बताया कि अभी हाल ही में थाना साइबर हिसार में पतंजलि योगग्राम में योग शिविर के लिए ऑनलाइन बुकिंग के नाम पर 92 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला आया है। जिसमे पीड़ित ने गूगल पर पतंजलि योगग्राम में योग शिविर के लिए हेल्पलाइन नंबर सर्च किया था। जिस पर पीड़ित को एक नंबर मिला, पीड़ित ने उस नंबर पर कॉल कर पतंजलि योग ग्राम हरिद्वार में बुकिंग करने के बारे में कहा। जिस पर फोन रिसीवर ने बुकिंग के लिए कागजात मांगे और पीड़ित ने आईडी सहित कागजात व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिए और 92 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। पैसे ट्रांसफर के बाद पीड़ित द्वारा उनसे दोबारा संपर्क करने पर उन्होंने फोन नही उठाया और न ही पतंजलि योगग्राम ने बुकिंग करवाई।

पुलिस अधीक्षक महोदय ने कहा है कि गूगल पर कभी भी किसी कंपनी का हेल्पलाइन नंबर सर्च न करें। उसकी वेबसाइट पर जाएं एड्रेस बार में कंपनी की स्पेलिंग जरूर देख लें, अगर स्पेलिंग गलत है तो वेबसाइट भी गलत है वेबसाइट सही होने पर आपको बाईं तरफ contact us, हेल्पलाइन या सपोर्ट लिखा मिलेगा। इन वेबसाइट पर आप ई-मेल आईडी या लाइव चैट के माध्यम से नंबर ले सकते हैं कंपनी से संपर्क करने पर बैंक से जुड़ी जानकारी साझा न करें। ठगी होने बिना किसी देरी के साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर क्राइम पोर्टल http://www.cybercrime.gov.in और नजदीकी पुलिस स्टेशन में शिकायत दे। साथ ही ई-मेल के माध्यम से गूगल को इसके बारे में जानकारी भी दे।