गांवो में हमारी स्थिति बीजेपी से काफी मजबूत.

नारनौंद हलके में दर्जनों गांवों में जयप्रकाश का हुआ भव्य स्वागत.

हिसार लोकसभा क्षेत्र से इंडिया गठबंधन के प्रत्याशी जयप्रकाश ने गत सायं नारनौंद हलके के विभिन्न गांवों का दौरा किया। दोपहर बाद गांव कौथ कलां, कौथ खुर्द, नाड़ा, गेबीनगर, मिर्चपुर, मिलकपुर, खेड़ी रोज, भेणी अमीरपुर, राजथल, कागसर, सुलाचनी आदि गांवों में जनसम्पर्क अभियान चलाया। हर गांव में लोगों ने उनका फूलमालाएं व पगड़ी पहनाकर सम्मान किया।

गांवों में आयोजित विभिन्न जनसभाओं को सम्बोधित करते हुए जयप्रकाश ने कहा कि किसान देश का अन्नदाता है व मजदूर निर्माता है। देश की भाजपा सरकार ने किसानों को उनकी जायज मांगों के लिए आंदोलन करने के लिए मजबूर किया और तरह-तरह के अत्याचार करते हुए लाठी-गोली तक बरसाई। इस आंदोलन में 730 किसान शहीद हुए। इतनी संख्या में किसानों के मरने पर भी भाजपा सरकार को तनिक भी अफसोस नहीं हुआ। इस सरकार ने अपने शासनकाल के दौरान प्रजातंत्र का गला घोंटने का काम किया है।

देश में भाजपा की सरकार में बैठे लोग पूरी तरह से व्यापारी हैं और अपने व्यापार के लिए पूंजीपतियों के आगे घुटने टेक दिए हैं। इन लोगों का एक ही काम है किसी भी तरह देश में लूट खसोट करके देश को लूटा जाए। देश के अनेक उपक्रम अडानी को बेच दिए हैं। इस निक्कमी सरकार के कार्यकाल में दलित वर्ग पर भी भारी अत्याचार हुए हैं। जयप्रकाश ने कहा कि राशन डिपूओं पर लोगों के हकों का पूरा अनाज ना देकर उन्हें ठगा जा रहा है। कांग्रेस का राज आने पर गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले हर गरीब व्यक्ति उसका पूरा हक दिया जाएगा।

आने वाली 25 तारीख को हाथ के पंजे पर बटन दबाकर टीटी की आवाज बजा दो। उन्होंने कहा कि उनके सांसद बनने पर पूरे लोकसभा क्षेत्र में हर छोटे-बड़े कार्यों को गति दी जाएगी। आज हरियाणा में नायब सिंह सैनी की सरकार अल्पमत में है। लोकसभा चुनावों की गिनती उपरांत यह सरकार खुद ही गिर जाएगी। आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी और भूपेन्द्र सिंह हुड्डा प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने अनेक गांवों में चुनावी सभाओं में आई महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याएं भी सुनीं व उन्हें चुनाव उपरांत इन सभी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया।

चुनावी सभाओं में पूर्व विधायक प्रो. रामभगत शर्मा, युवा कांग्रेस नेता जस्सी पेटवाड़, काकड़ोद के सरपंच अशोक कुमार, वीरेन्द्र घोघड़िया, दिलबाग संडील, सोनू कुंगड़, दीपक काकड़ोद आदि नेता साथ रहे।