▶नगर निगम के दो क्लर्क कम ऑपरेटरो द्वारा ₹8000 रिश्वत लेकर कब्जाधारी का प्रॉपर्टी रिकॉर्ड में नाम चढ़ाने के मामला !
▶ऑपरेटर ने नोटिस के जवाब में कहा कि उसे अधिकारियों ने प्रताड़ित किया और मानसिक दबाव में आकर रिश्वत लेने के लिए मैंने हां कर दी !

हिसार। नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में पैसे लेकर एक प्रॉपर्टी के टैक्स रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने के मामले में शामिल एक कर्मचारी ने वीरवार को कारण बताओ नोटिस का जवाब अधिकारियों को सौंप दिया। जिसके बाद से नगर निगम में खलबली मच गई है जवाब में कर्मचारी ने डीएमसी पर पूछताछ के दौरान उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। साथ ही कर्मचारी ने कहा है कि अधिकारी के दबाव में आकर उसने पैसे लेने की बात कबूली है।

नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में दो कर्मचारियों (बेलदार) ने रिश्चत लेकर प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में कब्जाधारी को ही प्राॅपर्टी का मालिक दिखा दिया। उधर पीड़ित पक्ष ने इस मामले में आजाद नगर थाने में केस दर्ज करवा दिया, जिस पर कार्रवाई करते हुए थाने ने निगम प्रशासन से उक्त प्रॉपटी के मालिकाना हक संबंधी दस्तावेज मांगे। इस पर निगम अधिकारियों ने दोनों कर्मचारियों से पूछताछ की तो दोनों कर्मचारियों ने अधिकारियों के सामने रिश्वत लेने व प्रॉपर्टी टैक्स रिकॉर्ड में गड़बड़ी करने की बात कबूली।
अन्य कर्मचारी भी संदेह के घेरे में




इस मामले को लेकर डीएमसी वीरेंद्र सहारण ने जांच शुरू कर दी है दोनों कर्मचारियों से करीब 4 घंटे तक पूछताछ चली इसके अलावा सचिव की लॉगिन आईडी से टैक्स रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की गई उनसे भी जवाब मांगा है,लिखित में सचिव ने भी जवाब दिया है अधिकारी जल्द ही इस मामले में जांच कर कमिश्नर के समक्ष रिपोर्ट पेश करेंगे इसके अलावा डीएमसी ने पुराने मामले की फाइल भी दोबारा से खोल ली है जल्द ही इस मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर दी जाएगी। – विरेंद्र सहारण, डीएमसी, नगर निगम



