बीते 3-4 दिनों में गर्मी बढ़ने के साथ ही AC के अंदर ब्लास्ट होने की घटनाएं देखने सुनने में आई इन घटनाओं ने हमें अंदर तक हिला दिया,चाहे वो गुजरात के राजकोट के प्राइवेट गेमिंग जोन में एयर कंडीशनिंग यूनिट में हुए जबरदस्त विस्फोट से लगी भीषण आग की बड़ी घटना हो जिसमे 25 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है या फिर हिसार के हस्पताल वी के न्यूरो केयर में हुए AC में ब्लास्ट की वजह से फैली आग की घटना जिस वजह से अस्पताल से 15 से अधिक मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करना पड़ा. इन घटनाओं के बाद से आमजन में AC को लेकर डर का माहौल है हालांकि AC की बेहतर रखरखाव के जरिए इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है आइये जानते हैं क्या है जरूरी !

▶क्या वजह है AC के अंदर बलास्ट की
AC हर घर की जरूरत बन गए हैं. लेकिन इसका इस्तेमाल बहुत ही सावधानी के साथ करना चाहिए. लापरवाही बरतने से AC में धमाका भी हो सकता है. गर्मी के मौसम में ऐसे मामले ज्यादा आते हैं. AC फटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं.
एयर कंडीशनर के फटने की एक बड़ी वजह है रेफ्रिजरेंट का लीक होना. रेफ्रिजरेंट उन गैसों को कहते हैं, जो कमरे को ठंडा रखने का काम करते हैं. अगर मशीन को मेंटेन नहीं किया जाता, तो एसी से रेफ्रिजरेंट लीक होने लगता है. ये गैस इलेक्ट्रिक स्पार्क के संपर्क में आने से धमाका करती हैं.

▶सर्विस समय पर ना करवाना व एयर कंडीशनर की खराब मेंटेनेंस
एयर कंडीशनर हवा को अपने अंदर खींचकर ठंडी हवा बाहर फेंकता है. अब हवा खींचने के दौरान उसके फिल्टर में डस्ट भी जमा हो जाती है. यदि लंबे समय से AC की सर्विस नहीं कराई जाती तो उसमें गंदगी जमा होती जाती है. इससे फिल्टर पर दबाव पड़ेगा और कंप्रेसर पर ज्यादा लोड पड़ेगा. कंप्रेसर का कूलिंग में बहुत बड़ा योगदान होता है. कंप्रेसर पर दबाव बड़ने से विस्फोट होने का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए एसी की समय-समय पर मेंटेनेंस कराए जाने की सलाह दी जाती है.
गंदगी जमा होने से कंडेनसर कॉइल्स पर भी असर पड़ता है. ये हिस्सा रेफ्रिजरेंट के साथ मिलकर हवा से गर्मी को दूर करता है. कंडेनसर कॉइल में अक्सर धूल-गंदगी जमा हो जाती है, जो हीटिंग प्रोसेस को बाधित करती है. अगर कॉइल अपना काम ढंग से नहीं करता, तो एसी के आंतरिक प्रोसेस पर दबाव पड़ता है. यह दबाव एक विनाशकारी विस्फोट का कारण बन सकता है.

▶लगातार लंबे समय तक AC चलाना हो सकता है खतरनाक
गर्मियों में एयर कंडीशनर सुबह से लेकर रात तक चलता रहता है. लेकिन ज्यादा एसी चलाने से कुछ AC ओवरलोड हो जाते हैं. अगर ये लंबे समय तक लगातार चलते हैं तो उन पर दबाव बढ़ जाता है. इससे AC के इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स गर्म हो जाते हैं, जो विस्फोट का कारण भी बन सकते हैं.
▶रूम के हिसाब से AC का चयन करना जरूरी
जगह या रूम के हिसाब से AC का चयन किया जाना चाहिए. साइज का मतलब AC के बड़े या छोटे होने से नहीं है, बल्कि उसकी कूलिंग कैपेसिटी से होता है. अगर आप बड़े कमरे में कम कैपेसिटी वाले एसी को लगाते हैं, तो कई घंटों तक चलने के बाद भी कमरा ठंडा नहीं होगा. इससे बिजली की खपत के साथ-साथ AC की लाइफ पर भी असर होता है.

▶खराब वायरिंग, ढीले कनेक्शन या शॉर्ट सर्किट से एयर कंडीशनर में ब्लास्ट हो सकता है. इसके अलावा गैस का रिसाव भी ब्लास्ट का कारण बनता है
▶बिजली की सप्लाई प्रॉपर नहीं होने से एसी जैसे हाई वोल्टेज वाले इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के बिगड़ने का खतरा होता है। बार-बार पावर का बढ़ना घटना मशीन की कार्यक्षमता को प्रभावित करता है, जिससे इसके फटने का डर होता है। ऐसा अक्सर आंधी तुफान के समय होता है। इसलिए बाहर मौसम बिगड़ने पर एसी का कनेक्शन स्विच बोर्ड से हटा दें।
▶प्रोफेशन टेक्नीशियन से ही एसी लगवाए और साल में एक बार सर्विसिंग कराना जरूरी होता है।


