विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर सर्वेश हेल्थ सिटी ने राजगढ़ रोड स्थित राजकीय महाविद्यालय में हस्ताक्षर अभियान चलाया.जिसमें युवाओं को यह शपथ दिलाई गई कि वह नशा नहीं करेंगे और ना ही करने देंगे.

राजकीय महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ दीप माला ने सर्वेश हेल्थ सिटी की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुई कहा इस तरह के अभियान युवाओं को मादक पदार्थो द्वारा होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हैं.उन्होंने कहा की महानगर हो या छोटे शहर अवैध मादक पदार्थ बड़ी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं. आज युवाओं में नशे का मुख्य कारण सहनशक्ति की कमी हे । देश का युवा वर्ग आज नशे की गिरफ्त में फंसता जा रहा है।

युवा आजकल बहुत जल्दी अपना हौसला खो देते हैं, जिसका परिणाम यह होता है कि वे डिप्रेशन में चले जाते और फिर वे नशे की गिरफ्त में फंस जाते हैं साथ ही गलत संगत में पड़कर नशा करने की छोटी-छोटी शुरुआत से ही धीरे-धीरे नशे की आदत शरीर पर गहरी पकड़ बना लेती है। ऐसी अवस्था में नशे की भूख उसके लिए असहनीय हो जाती है, पैसा नहीं मिलने पर चोरी जैसी बुराई को अपना लेने में भी शर्म महसूस नहीं करते है।
सर्वेश हेल्थ सिटी के विख्यात पल्मनोलॉजिस्ट डॉ कपिल कुमार ने बताया की 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रूप में मनाते है। तंबाकू के सेवन से 15 प्रकार के कैंसर, हृदय रोग और विभिन्न फेफड़ों की बीमारियों होने का खतरा रहता है
धूम्रपान से होने वाली फेफड़ों की बीमारियों में सीओपीडी शामिल है, जिसमें वातस्फीति और क्रोनिक ब्रोंकाइटिस शामिल हैं। यदि आपको अस्थमा है, तो तम्बाकू का धुआं दौरे को ट्रिगर कर सकता है या दौरे को बदतर बना सकता है।


