मृतिका रिचा का फाइल फोटो

हिसार। दिल्ली रोड स्थित सुखदा अस्पताल में अपेंडिक्स के ऑपरेशन के दौरान 25 वर्षीय पीएचडी छात्रा रिचा की मौत हो गई। इस पर सोमवार रात करीब 9 बजे परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिजनों ने कहा कि जब तक आरोपी चिकित्सकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज नहीं होता शव नहीं उठाएंगे।सूचना मिलने पर अर्बन स्टेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची। रात 11:30 बजे आरोपियों पर FIR दर्ज करने की मांग को लेकर पीड़ित पक्ष रोड पर बैठ गया इसके बाद दोनों पक्षों में वार्ता चलती रही लेकिन सहमति नहीं बनी रात 1:00 बजे मृतका पक्ष के लोग फिर से दिल्ली रोड पर बैठ गए रोड को दोनों तरफ से जाम कर दिया


गोविंद सिंगला ने बताया कि आदमपुर में रहने वाली दोहती रिचा पिलानी से पीएचडी कर रही थी। अपेंडिक्स के दर्द के चलते सोमवार सुबह डाबड़ा चौक स्थित निजी अस्पताल में उपचार के लिए लेकर आए थे। दो चिकित्सकों की टीम ने जांच के बाद कहा कि रिचा का ऑपरेशन करना पड़ेगा। शाम को करीब पांच बजे रिचा को ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन से पहले रिचा को बेहोशी की ओवरडोज दी। इस कारण ऑपरेशन से पहले ही रिचा की मौत हो गई। वहीं, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि आपरेशन के दौरान कमजोरी के कारण रिचा हार्ट अटैक आने से बेहोश हो गई। कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। छात्रा की मौत की खबर सुनने पर परिजनों ने रात करीब 9 बजे अस्पताल परिसर में हंगामा कर दिया। परिजन ऑपरेशन करने और बेहोशी की दवा देने वाले डॉक्टर के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं।

मृतिका रिचा के भाई ने कहा डॉक्टर अपने आप को बचाने के लिए मौत का कारण हार्ट फेल बता रहे हैं पर एनेस्थीसिया की ओवरडोज से बहन की मौत हुई है इसके लिए डॉक्टर ही जिम्मेदार है बहन का चेकअप भी हुआ था अगर उसका हार्ट कमजोर था तो डॉक्टर ऑपरेशन कर रिस्क नहीं लेते !

सुखदा अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ हेमंत ने कहा कि हमने मरीज को बचाने का भरपूर प्रयास किया मरीज को अपेंडिक्स के दिक्कत थी पेट में दर्द होने पर 3:45 बजे अस्पताल में दाखिल किया गया था. अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई. एनेस्थीसिया की ओवरडोज में लापरवाही का आरोप गलत है.परिवार के प्रति हमारे मानवीय संवेदनाएं हैं पोस्टमार्टम में मौत की वजह स्पष्ट हो जाएगी !

अर्बन एस्टेट के थाना प्रभारी साधुराम SHO ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन है सीधे डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कर सकते इसमें डॉक्टरस का बोर्ड पोस्टमार्टम करेगा फिर मेडिकल नेगलिजेंस बोर्ड अपनी राय देगा जिसके आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी !