
हिसार, दिल्ली रोड स्थित सुखदा अस्पताल में सोमवार अपेंडिक्स का ऑपरेशन के लिए भर्ती 25 वर्षीय पीएचडी की छात्रा रिचा की ऑपरेशन से पहले मौत हो गई थी। मामले की जांच के लिए डीसी ने एक कमेटी का गठन किया है। जांच कमेटी 15 दिन में जांच रिपोर्ट डीसी को सौंपेगी। रिचा के मौत मामले में परिवार वालों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए देर रात अस्पताल के बाहर हंगामा कर दिया था। आदमपुर निवासी छात्रा रिचा के शव को परिजनों ने उठाने से मना कर दिया था। वहीं छात्रा के परिजन डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे।

इस मामले में मंगलवार को डीसी प्रदीप दहिया व एसपी मोहित हांडा के साथ छात्रा के परिजनों ने मीटिंग हुई। मीटिंग में डीसी ने आश्वासन दिया कि 15 दिन में जांच पूरी कर ली जाएगी। उन्होंने कहा कि बोर्ड के द्वारा लड़की के शव का पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। वहीं जो भी सदस्य बोर्ड में या जांच कमेटी में शामिल होंगे वह छुट्टी पर नहीं जाएंगे।वहीं 2 घटें तक चली मीटिंग में अधिकारियों व परिजनों के बीच सहमति बनी कि रिचा के ऑपरेशन में डॉ. दीपक दास सर्जन शामिल था। जब तक जांच चलेगी तब तक ये डॉक्टर 15 दिन के लिए अस्पताल में काम नहीं करेगा। अस्पताल प्रबंधन डॉक्टर को छुट्टी पर भेजेगा। मीटिंग के दौरान एसडीएम जयवीर यादव, डीएसपी विजयपाल, इंस्पेक्टर साधुराम, मृतक लड़की के भाई रोहित, मामा का लड़का गौरव, व्यापार मंडल प्रदेश अध्यक्ष बजरंगदास गर्ग, आईएमए संगठन के प्रधान डॉक्टर उमेश कालड़ा सहित अन्य डॉक्टर मौजूद रहे। सहमति बनने के बाद रिचा के शव को पोस्टमार्टम के लिए हिसार के नागरिक अस्पताल में भिजवा दिया गया।

डीएसपी विजयपाल हिसार के सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम करवाने के लिए पहुंचे हैं उन्होंने बताया मामले की जांच के लिए एक बोर्ड गठित किया गया है। बोर्ड द्वारा जांच शुरु कर दी गई है। इसके अलावा बोर्ड द्वारा लड़की का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। पोस्टमार्टम करवाने के बाद लड़की का शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जो भी पोस्टमार्टम में रिपोर्ट आयेगी उसके अनुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जायेगी।


