हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन (HCMS) और स्वास्थ्य सचिव सुधीर राजपाल के बीच कई दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद डॉक्टरों ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। CM नायब सैनी ने अब इस मामले से निपटने के लिए मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर को काम पर लगाया है। आज 12 बजे खुल्लर ने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को मीटिंग के लिए भी बुलाया है।

हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसिस एसोसिएशन वीरवार को हड़ताल कर विरोध जताएगी। एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों का कहना है कि हड़ताल के दौरान ओपीडी बंद रखेंगे। इसके अलावा आपातकालीन सेवाएं और पोस्टमार्टम भी नहीं करेंगे। इस दौरान मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ सकती है। वहीं अस्पताल प्रशासन की तरफ से मेडिकल कॉलेज अग्रोहा से चिकित्सकों की व्यवस्था की गई है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी न उठानी पड़े। अस्पताल परिसर में रोजाना करीब 1500 मरीज दवा लेने आते हैं। दरअसल डॉक्टर बिहार और केंद्र सरकार की तरह हरियाणा में भी ACP और वेतन, विशेषज्ञ कैडर के गठन, SMO की सीधी भर्ती और PG के लिए बांड राशि 1 करोड़ से घटाकर 50 लाख रुपए करने की मांग कर रहे हैं।

नोटिफिकेशन जारी नहीं कर रही सरकार
एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. राजीव डाबला और महासचिव डॉ. विक्रम गौरिया ने बताया 18 जुलाई को सरकार के साथ बातचीत हुई थी। सरकार ने आश्वासन दिया था कि मांगों से संबंधित नोटिफिकेशन को 25 जुलाई से पहले जारी कर दिया जाए। सरकार की तरफ से अभी तक कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है। बुधवार को अस्पताल परिसर में चिकित्सकों ने बैठक कर वीरवार से हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।

पीजी बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख की जाए।
सीधे सीएमओ की भर्ती के लिए आरक्षित करीब 150 एसएमओ की पोस्ट रूटीन पदोन्नति से भरने की।
सीएम से वन टाइम रिलेक्सेशन मंजूरी।
4, 9 और 13 साल पर एसीपी दी जाए।
3 हजार प्रति माह कन्वेंस अलाउंस दिया जाए।
डाॅ. रत्ना भारती, पीएमओ ने कहा की अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। अग्रोहा मेडिकल कॉलेज से चिकित्सकों की डिमांड की है। इसके अलावा डीएनबी विद्यार्थी, कंसल्टेंट चिकित्सक, आयुर्वेदिक मेडिकल अधिकारी अपनी सेवाएं देंगे।


