बांग्लादेश में हिंसा,आगजनी,लूटपाट की घटनाएं लगातार जारी है इसी बीच खबर आ रही है कि वहां के जेलों से 500 से अधिक खूंखार आतंकवादी भाग गए हैं शेख हसीना के इस्तीफे के बाद भी ढ़ाका में हिंसा जारी है. इस हिंसा में अब तक 135 लोगों की मौत हो गई है. वहीं, उत्तरी बांग्लादेश के शेरपुर जिले में, लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने जिला जेल में घुसकर 500 से ज्यादा कैदियों को छुड़ा लिया. जिसमें कई खुंखार आंतकवादी भी शामिल हैं. प्रतिबंधित इस्लामी आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) के कई आतंकी भाग गए हैं.

यह आतंकी किसी भी घटना को अंजाम दे सकते हैं. जिसके चलते भारत में तनाव बढ़ गया है. भारत सरकार ने आदेश दिया है कि बीएसएफ सभी सीमाओं पर निगरानी रखे. इस बीच सभी सीमाएं सील कर दी गई हैं.शेख हसीना के इस्तीफा देने और देश छोड़ने के बाद भी प्रदर्शनकारियों की भीड़ ढाका और दूसरे बांग्लादेशी शहरों में सड़कों पर घूमती रही. बांग्लादेश की सेना ने अस्थायी रूप से देश में सत्ता संभाली है और लोगों से हिंसा रोकने की गुजारिश की है.

8 लोगों को जिंदा जलाया 84 जख्मी
ढाका ट्रिब्यून के मुताबिक, जेसोर में, अज्ञात आगजनी करने वालों ने एक आवासीय होटल में आग लगा दी, जिसमें कम से कम आठ लोग जलकर मर गए और 84 दूसरे जख्मी हुए हैं. खुलना में कोयरा उपजिला परिषद के अध्यक्ष और उपजिला अवामी लीग के अध्यक्ष जीएम मोहसिन रजा समेत तीन लोगों को भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला. इसके अलावा नौगांव में उपद्रवियों के एक समूह ने खाद्य मंत्री साधन चंद्र मजूमदार के आवास में तोड़फोड़ की और उपद्रवियों ने सांसद मशरफे बिन मुर्तजा के घर में तोड़फोड़ की और आग लगा दी. 

शेख हसीना के घर से लूट ले गए सामान
बांग्लादेश की सेना ने कहा कि वह आज सुबह विरोध प्रदर्शनों को रोकने के लिए लगाए गए कर्फ्यू को हटा लेगी. वहीं, हिंसा के दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्रधानमंत्रा आवास समेत कई सरकारी तफ्तरों पर कब्जा कर लिया, जिसके बाद खूब लूटपाट मचाई. ढाका ट्रिब्यून की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि छात्रों ने एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, कुर्सियां, टेबल और कंप्यूटर समेत कई सामानों को प्रदर्शनकारियों ने लूट लिया. हालांकि, सेना ने दावा किया है कि सभी लूटे हुए सामानों को जब्त कर लिया गया है.