मरीज ने गलतफहमी के चलते बीमा कंपनी में शिकायत दी थी जिसे बाद में वापस ले लिया था – डॉ विवेक मेहता

स्टार हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी का आरोप डॉक्टर और एम ओ ने मिली भगत करके फर्जी दस्तावेज तैयार कर बीमा राशि क्लेम की !

हिसार के मॉडल टाउन स्थित आस्था अस्पताल के संचालक सहित दो मेडिकल ऑफिसर्स के खिलाफ धोखाधड़ी से 71,481 रुपए की क्लेम राशि हड़पने पर अर्बन स्टेट थाना में केस दर्ज हुआ है.स्टार हेल्थ एंड इंश्योरेंस कंपनी का आरोप है कि डॉक्टर विवेक मेहता सहित दो मेडिकल ऑफिसर डॉ आकाश वर्मा और डॉक्टर अर्चित मिड्ढा ने मिली भगत करके फर्जी दस्तावेज तैयार करके बीमा राशि को क्लेम किया. इस मामले में बीमा धारक की तरफ से अस्पताल के खिलाफ शिकायत पर कंपनी की विजिलेंस टीम ने जांच करके उक्त कदम उठाया है.

शिकायत के अनुसार जहाजपुल चौक वासी मनु महाजन ने फैमिली बीमा पॉलिसी खरीदी थी यह 11 जुलाई 2024 तक वैलिड थी. इस पॉलिसी में अन्य बीमा धारक पत्नी ज्योत्स्ना बेटा ध्रुव महाजन बेटी तन्वी थी.पॉलिसी की शर्तों के अनुसार कंपनी ने उन्हें किसी भी बीमारी के इलाज खर्च प्रदान करने का आश्वासन दिया था बीमा धारक मनु महाजन जुलाई 2024 में बीमार हुआ था और उपचार के लिए आस्था अस्पताल में दाखिल हुआ.उसने अस्पताल में कमर दर्द पेट के निचले हिस्से में दर्द पेशाब में जलन बुखार और पेट में भारीपन की तकलीफ बताई थी यूरोलॉजीसट व एंड्रोलॉजिस्ट डॉक्टर विवेक मेहता से परामर्श लिया था जो कि अस्पताल के संचालक भी है.

डॉ मेहता ने इलाज के लिए दाखिल होने की सलाह दी थी. मनु ने बिमा के कागज पेश किए थे. डॉक्टर द्वारा सर्जरी की सलाह दी गई तब मन्नू सर्जरी करवाना नहीं चाहता था यह बात अस्पताल संचालक व स्टाफ को बताई गई.आरोप है कि उक्त डॉक्टर ने मिलीभगत करके मनु के फर्जी हस्ताक्षर करके डीलक्स कमरे में भर्ती दिखाने विभिन्न जांच व इलाज नर्सिंग केयर प्लान और हैंडोवर शीट के नाम पर 80 हजार 156 रुपए का बिल तैयार करके कैशलेस रिक्वेस्ट कंपनी में ईमेल कि उसकी एवरेज में 71,481 राशि का क्लेम सेटल हुआ था

इस पर अस्पताल के संचालक व डॉक्टर विवेक मेहता का कहना है कि कोई फर्जीवाड़ा नहीं किया गया है ना ही कोई फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए हैं.अभी तक बीमा राशि तक नहीं मिली है मरीज को दाखिल करके इलाज किया था मगर सर्जरी नहीं कि उसने गलतफहमी के चलते बीमा कंपनी में शिकायत दी थी जिसे बाद में वापस ले लिया था !