भाजपा के काफी नेताओं ने गंगवा के चुनाव प्रचार से दूरी बनाई !

रणबीर गंगवा ने अपने अधिकतर चुनाव नलवा हलके से लड़े हैं।

पिछले 1 वर्ष से बरवाला के लोगो के बीच कार्यरत रही संजना सतरोड दे रही है टक्कर !

बरवाला से भाजपा प्रत्याशी रणबीर गंगवा का बरवाला हलके में यह पहला चुनाव है बरवाला के पूर्व विधायक सहित भाजपा के काफी नेताओं ने गंगवा के चुनाव प्रचार से दूरी बना ली है। वहीं भाजपा नेता दर्शन गिरी तो रणबीर गंगवा के खिलाफ निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव ही लड़ रहे हैं।
रणबीर गंगवा ने अपने अधिकतर चुनाव नलवा हलके से ही लड़े हैं।

बरवाला में संजना सात रोड पिछले 1 साल से लोगों के सुख दुख में हो रही है शामिल इनेलो बसपा के प्रत्याशी के रूप में बड़ी है ताकत !

पिछले 1 साल से संजना सात रोड बरवाला हल्के के विभिन्न गांव में लगातार कार्यरत रही है संजना सात रोड एक पढ़ी-लिखी महिला है पिछले 1 साल से वह बरवाला के लोगों के सुख-दुख में शामिल होती रही हैं उन्होंने इस दौरान बरवाला हलके के लोगो के लिए स्वास्थ्य कैंप लोगों को बसों में धार्मिक स्थलों का भ्रमण करवाना,गरीबों की शादी ब्याह में मदद करना इत्यादि काम लोगों के बीच रहकर किए हैं.संजना सात रोड की बरवाला कपास मंडी में हुई शंखनाद रैली एक ऐतिहासिक रैली बनी जिसमें भारी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने पहुंचकर संजना सात रोड को जीत के प्रति आश्वासत किया अब संजना सात रोड को इनेलो बसपा ने अपने प्रत्याशी के रूप में बरवाला से उतारा है जिसके बाद से उनके वोट बैंक में और इजाफा हो गया है

संजना सातरोड की शंखनाद रैली का दृश्य

कुलदीप बिश्नोई ने नलवा हल्के से अपने दोस्त को दिलाई टिकट !

इस बार कांग्रेस से भाजपा में आए कुलदीप बिश्नोई ने नलवा हलके की टिकट अपने दोस्त रणधीर पनिहार को दिला दी जिसके कारण पार्टी ने रणबीर गंगवा को बरवाला से प्रत्याशी बना दिया। इस घोषणा के बाद बरवाला के काफी भाजपा कार्यकर्ताओं ने पार्टी अध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली को एक पत्र लिखकर विरोध भी जताया था। रणबीर गंगवा को यहां की स्थानीय टीम को मनाने का पूरा समय भी नहीं मिला जिसके कारण वे अपनी नलवा हलके की पुरानी टीम के साथ ही चुनाव प्रचार में लगे हुए हैं।


वेद नारंग और कैप्टन भूपेंद्र प्रचार में नहीं हुए शामिल

बरवाला से पूर्व विधायक वेद नारंग के अलावा कैप्टन भूपेंद्र समेत कई पार्टी पदाधिकारी अभी तक गंगवा के चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हुए हैं। बरवाला के पार्टी नेताओं का तर्क है कि यहां कांग्रेस ने भी प्रजापति समाज का प्रत्याशी मैदान में उतारा है जिससे मुकाबला कांटे का बन गया है। इसके अलावा यह भी प्रचार किया जा रहा है कि बरवाला से यदि रणबीर गंगवा जीतकर विधायक बन जाते हैं तो यहां के लोगों को अपने काम के लिए नलवा हलके में जाना पड़ेगा।

महंत दर्शन गिरी प्रजापति समाज की उपेक्षा करने और धमकी देने का आरोप रणबीर गंगवा पर लगा चुके हैं

रणबीर गंगवा का टिकट अनाउंस होते ही दर्शनगिरी ने पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था। बरवाला में भाजपा पर प्रजापति समाज की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए पार्टी के ही जिला पार्षद महंत दर्शनगिरी पहले ही निर्दलीय मैदान में कूद चुके हैं। वह रणबीर गंगवा के सामने निर्दलीय नामांकन भर चुके हैं। यही नहीं, महंत दर्शन गिरी प्रजापति समाज की उपेक्षा करने और धमकी देने का आरोप भी गंगवा पर लगा चुके हैं। इसको लेकर वह बाकायदा पुलिस थाने में शिकायत दे चुके हैं।