✍️ड्राइंग रूम की राजनीति करने वाले को सबक सिखाएगी हिसार की जनता: गौतम सरदाना
✍️बोले: अपने बेटे को कानून बनाने की ताकत जरूर देगी हिसार की जनता

हिसार। आजाद उम्मीदवार एवं निवर्तमान मेयर गौतम सरदाना ने कहा है कि कोराेना काल से लेकर दूसरी विपरीत परिस्थितियों में जनता को भगवान भरोसे छोड़ने वाले नेताओं को इस बार के विधानसभा चुनावों में शहरवासी जरुर सबक सिखाएंगे। आज कोई समाज सेवा के नाम पर तो कोई शहर को चमकाने के नाम पर राजनीित रहा है, मगर इस बार शहर की जनता इनके झांसे में नहीं आएगी। शहर की जनता अब जान चुकी है कि उनका बेटा गौतम सरदाना ही शहर का भला कर सकता है। गौतम सरदाना ने अपने जनसंपर्क अभियान के तहत शुक्रवार को शिव कॉलोनी, शास्त्री नगर, मॉडल टाउन पार्क, पारिजात चौक, क्लॉथ मार्केट, जहाजपुल चौक, लाजपत नगर, भगवान वाल्मीकि चौक सहित शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में आने वाली पांच अक्टूबर को बैट व बॉल के सामने वाला बटन दबा कर अपने पक्ष में मतदान करने की अपील कर रहे थे। इस दौरान गौतम सरदाना ने कहा कि हिसार की जनता जानती है कि उनका बेटा गौतम सरदाना जनसंघर्ष समिति की शुरुआत से लेकर मेयर रहते समय तक हमेशा ही उनके हर सुख-दुख में भागीदार रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की जनता इस बार ऐसे व्यक्ति को अपना विधायक चुनेंगी, जो की हमेशा उनके ही बीच रहे। जिनसे जब चाहे वो मिल सकें। विधायक ऐसा हो जिनसे मिलने के लिए उन्हें किसी बिचौलिए की जरूरत ना पड़े। उन्होंने कहा कि अक्सर चुनाव जीतने के बाद दिल्ली एवं गुरुग्राम ठिकाना बनाने वालों की बजाय, हिसार शहर में रहकर उनकी सेवा करने वाले अपने लाडले गौतम सरदाना को ही मौका देगी। इस दौरान शिव कॉलोनी में मंजीत शर्मा, रोशनी देवी, जसवंत सिंह, संतोष देवी, कृष्णा देवी, माधो देवी, कृष्णा देवी, िनलम, रेनू, िबमल, विनोद राकेश, भाग्य नारायण, जितेन्द्र महत्ता, कलावती, मालती, दुलारी, आरती, किरण, मंजू, संतरो, सीमा, इंद्रावती सहित भारी संख्या में उनके समर्थक मौजूद रहे।

गौतम सरदाना ने गिनाई अपनी उपलब्धियां:-
आजाद उम्मीदवार गौतम सरदाना ने पत्रकारों के सवालों को जवाब देते हुए कहा कि बतौर मेयर उनका काम महज सरकार के आदेशों की पालना करना था, यदि शहर की जनता उनके कानून बनाने का मौका देगी तो वो असल मायने में शहर की तस्वीर बदलने का काम करेंगे। इस दौरान उन्होंने कोरोना काल के दौरान शहर वासियों को दवा एवं भोजन का वितरण करवाने, पड़ाव वासियों को गंदगी से निजाद दिलवाने हेतु पार्क का निर्माण करवाने, शहर के सभी पार्कों का सौंदर्यीकरण एवं नवीनीकरण करवाने, सातरोड में स्वर्ण जयंती पार्क का निर्माण करवाने, सामाजिक संस्थाओं को साथ मिलकर लाखों पौधे लगाने, शहर में नि:शुल्क पौध नर्सरी की स्थापना करने, जरूरतमंद गरीबों के लिए अस्थाई रैन बसेरों का निर्माण करवाने, ढंढूर में सालों से एकत्र कचरे के पहाड़ को खत्म करवाने, शहर के बेसहारा पशुओं के लिए गौ-अभ्यारण्य का निर्माण करवाने को अपनी बड़ी उपलिब्ध मानते हैं। इसी प्रकार शहर में तिरंगा लाइट लगाने के कार्य अंजाम तक पहुंचाने, शहर की सुन्दरता में चार चांद लगाते हुए सभी चौको का सौन्दयकरण करवाने, कुडा उठाने वाली गाड़ियों को शहर के प्रत्येक घर तक पहुंचाने की नई रिवाज कायम करने, शहीदों के परिजनों एवं सामाजिक संस्थाओं को सम्मानित करने की परंपरा शुरू करना उनकी दर्जनों उपलिब्यों में से ऊपरी क्रम में आते हैं।

