✍️हिसार, फतेहाबाद,पंचकूला, जगाधरी और अंबाला कैंट सीट कांग्रेस के लिए नाक का सवाल !
✍️इन 5 सीटों पर पिछले दो बार से लगातार चुनाव जीत रही है भाजपा !
हरियाणा विधानसभा चुनाव मैं कांग्रेस के टिकट बंटवारो के बाद से सांसद कुमारी सैलजा चुनाव प्रचार में कहीं भी नजर नहीं आ रही हैं । पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा उन पार्टी उम्मीदवारों को सपोर्ट नहीं कर रहे, जिन्हें सैलजा के कहने पर टिकट मिला है।ऐसे में हरियाणा प्रदेश की 5 सीटों पर पार्टी कमजोर हो चली है। सैलजा की अनुपस्थिति में ये 5 सीटों के उम्मीदवार अपना चुनाव प्रचार खुद ही कर रहे हैं। इनकी टक्कर भाजपा के बड़े चेहरों से है, इसलिए इन उम्मीदवारों की जीत की डगर काफी मुश्किल है।वहीं, हिसार में कांग्रेस कैंडिडेट राम निवास राड़ा को हुड्डा समर्थकों का खुलकर समर्थन नहीं मिल रहा है। इसके अलावा फतेहाबाद विधानसभा में हुड्डा के नजदीकी नेताओं ने बलवान सिंह दौतलपुरिया के प्रचार से दूरी बना ली है।
भाजपा के मजबूत गड़ो मे ऐसे कैसे लगेगी सेंध
कांग्रेस हाईकमान की ओर से हुड्डा गुट ने सैलजा समर्थकों को 5 वहीं सीटें दी हैं, जहां भाजपा पहले से मजबूत है और लगातार 2 बार से चुनाव जीत रही है। फतेहाबाद, हिसार, पंचकूला, जगाधरी और अंबाला कैंट सीट कांग्रेस के लिए नाक का सवाल है, लेकिन यहां गुटबाजी के कारण भाजपा को फिर से उम्मीद नजर आ रही है। कांग्रेस की टिकट पर राम निवास राड़ा यहां से दूसरी बार चुनावी मैदान में हैं। राड़ा 2019 चुनाव में बुरी तरह हारे थे। भाजपा के डॉ. कमल गुप्ता ने राड़ा को हराया था। कमल गुप्ता इसके बाद कैबिनेट मंत्री बने।इस बार मुकाबला और कड़ा है। यहां निर्दलीय उम्मीदवार सावित्री जिंदल भी मैदान में हैं, जो 2 बार विधायक रह चुकी हैं।साथ ही निर्दलीय प्रत्याशी गौतम सरदाना के मैदान में आने से वोट बैंक और भी बट गया है कमल गुप्ता भी 2 बार के विधायक हैं। हुड्डा खेमे के अधिकतर लोग टिकट न मिलने से नाराज हैं।
कहीं देर ना हो जाए….
हालांकि कांग्रेस का हाई कमान कुमारी सैलजा को मनाने में लगा हुआ है साथ ही सैलजा समर्थित प्रत्याशी लगातार उनको प्रचार में उतरने के लिए बार-बार आग्रह कर रहे है. हरियाणा में 5 अक्टूबर को मतदान है जिस वजह से प्रचार के कुछ ही दिन शेष रह गए हैं ऐसे में सैलजा की चुप्पी समर्थकों एवं प्रत्याशियों की धड़कनें बढ़ा रही है !
