हिसार टाइम्स – हरियाणा के चुनावों में हमेशा से ही डेरा सच्चा सौदा की अहम भूमिका रही है. इस बार भी डेरे का वोट बैंक किस तरफ जाएगा इस पर चर्चा गर्म है. इसमें खास बात यह भी है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह 20 दिन की पैरोल पर बाहर आ गए हैं.ऐसे में डेरा सच्चा सौदा सभी राजनीतिक दलों की धड़कनें बढ़ाये हुए हैं.

डेरे की नाम चर्चाओं को लेकर चुनाव आयोग राजनीतिक दल और खुफिया तंत्र भी निगरानी बनाए हुए हैं.आयोग ने पहले ही गुरमीत राम रहीम को पैरोल देते समय चुनावी गतिविधि से दूर रहने की शर्त रखी थी. हरियाणा चुनाव में पांच पार्टियों के बीच मुकाबले में डेरे की भूमिका अहम मानी जा रही है डेरा प्रेमियों का प्रदेश की 90 में से 35 सीटों पर भारी वोट बैंक है.हालांकि डेढ़ दर्जन सीट ऐसी है जहां कांटे के मुकाबले की सूरत में डेरा प्रेमी डिसाइडिंग फैक्टर साबित हो सकते हैं.सूत्रों के अनुसार डेरे ने इस बार किसी पार्टी को समर्थन देने की बजाय कैंडिडेट के हिसाब से समर्थन देना शुरू किया है और यह सन्देश घर घर जाकर लगाए जाएंगे !