हिसार टाइम्स – हरियाणा में विधानसभा चुनाव प्रचार के आखिरी दिन कुमारी शैलजा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी से उनके आवास पर मुलाकात करने पहुंची और दोनों की यह मुलाकात 30 मिनट तक चली।सोनिया गांधी और कुमारी शैलजा के बीच क्या बातचीत हुई, इसके बारे में अभी कोई जानकारी निकलकर सामने नहीं आई है।कुमारी शैलजा, सोनिया गांधी से मिलने के लिए अकेले ही 10 जनपथ पहुंची थी। ऐसे में इस मुलाकात के खास मायने निकाले जा रहे हैं।

ऐसे समय में जब प्रदेश कांग्रेस के भीतर खींचतान की खबरें सामने आ रही है, इस मुलाकात को सच में अहम माना जाने लगा है और लोग अनुमान लगाने लगे हैं कि कहीं भूपेंद्र हुड्डा के लिए यह मुलाकात कुछ इशारा तो नहीं दे गया है। ऐसे में इस बैठक ने कांग्रेस के भीतर मुख्यमंत्री पद को लेकर चल रही अटकलों को और हवा दे दी है।
विधानसभा चुनाव में पार्टी के अंदर का अंतर्कलह खुलकर लोगों के सामने आ गया। एक तरफ पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा का खेमा था तो दूसरी तरफ रणदीप सुरजेवाला के समर्थक। इस सबसे भी ज्यादा कांग्रेस पार्टी के भीतर जिसकी नाराजगी की चर्चा सबसे ज्यादा रही, वह हैं सांसद कुमारी शैलजा। जिनका खेमा अलग ही अंदाज में इस चुनाव के दौरान नजर आया।

दरअसल, कुमारी शैलजा विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट बंटवारे में भूपेंद्र सिंह हुड्डा कैंप के दबदबे से नाराज हैं वह चुनाव प्रचार शुरू होने के पहले हफ्ते लगभग पूरे सीन से ही बाहर थीं। हालांकि, बाद में वह पार्टी के प्रचार में जुड़ीं। लेकिन, उनके भीतर उस किस्म का उत्साह कम ही देखने को मिला। हालांकि, राहुल गांधी ने मंच से कुमारी शैलजा और भूपेंद्र सिंह हुड्डा का हाथ मिलवाकर पार्टी के एकजुटता का संदेश देने की कोशिश जरूर की थी।

कुमारी शैलजा के उठाए मुद्दे को भाजपा भी बार-बार दोहराती रही और साथ ही यह भी जनता को बताती रही कि जिस पार्टी में अपनी दलित नेता का सम्मान नहीं होता, वह पार्टी प्रदेश के दलितों का सम्मान क्या ही करेगी।
