हिसार टाइम्स – सोमवार को हिसार शहर मे सुबह से रात तक स्मॉग की घनी चादर छाई रही।सुबह जब लोग घरों से बाहर निकले तो चारों ओर धुआं ही धुआं दिखाई दिया। पार्कों में सैर करने पहुंचे लोगों को आंख-नाक में जलन के साथ ही सांस लेने में दिक्कत हुई। स्कूल जाने वाले बच्चे भी आंखों में जलन से परेशान रहे। इस सीजन में पहली बार वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 300 को पार कर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया।

सुबह आठ बजे एक्यूआई 383 और शाम चार बजे 379 दर्ज किया गया। पीएम 2.5 व पीएम 10 का स्तर सर्वाधिक 500 पर रहा। 379 एक्यूआई के साथ हिसार प्रदेश में सबसे अधिक और देश में राजस्थान के श्रीगंगानगर (410) और दिल्ली (381) के बाद तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा। वायु गुणवत्ता सूचकांक में एकाएक उछाल के पीछे उत्तरी हवाएं चलने और हवा में नमी बढ़ने को प्रमुख कारण बताया जा रहा है। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो 9 नवंबर तक स्मॉग से राहत मिलने की संभावना नहीं है।

सोमवार को शहर में स्मॉग की चादर बीती रात ही छाने लगी थी। दिन चढ़ने के साथ-साथ उम्मीद थी कि स्मॉग का असर कम होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सूरज दिनभर स्माॅग की चादर की ओट से झांकता रहा। हवा की गति बेहद धीमी रही। इससे हवा की गुणवत्ता में कोई सुधार नहीं आया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक शाम चार बजे शहर का एक्यूआई 379 दर्ज किया गया, वहीं सात बजे 13 प्वाइंट कम होकर 366 पर पहुंच गया।

हिसार नगर निगम ने पानी का छिड़काव करवाया
स्मॉग से राहत दिलवाने के लिए नगर निगम ने एंटी स्मॉग गन से शहर के कई हिस्सों में पानी का छिड़काव करवाया। निगम के पास दो एंटी स्मॉग गन हैं।


लोगों ने आंखों में जलन व सांस लेने में दिक्कत महसूस की
स्मॉग की वजह से लोगों को आंखों व नाक में जलन महसूस हुई। सड़कों पर निकले लोगों को इससे भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछेक लोग मास्क पहने भी नजर आए। उधर, घरों और दफ्तरों में होने के बावजूद लोगों को धुएं की वजह से परेशान होना पड़ा। बच्चों व बुजुर्गों को सांस लेने में दिक्कत हुई !