प्लास्टिक सर्जरी व महिला रोगों की विश्वस्तरीय सुविधाओं के साथ समर्पण अस्पताल का हुआ शुभारंभ
हिसार टाइम्स – किसी भी महिला की डिलीवरी के दौरान महिला व उसके बच्चे की सुरक्षा के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं व तकनीक का इस्तेमाल आज जरूरी हो गया है। सरकार के कार्यक्रमों और बढ़ती चिकित्सा सुविधाओं के बाद डिलीवरी में महिला की मृत्युदर काफी कम हुई है लेकिन बच्चे का मानसिक रूप से स्वस्थ पैदा होना एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। ये बात हिसार के वरिष्ठ प्लास्टिक सर्जन डा. विशाल मोहन गोयल और महिला रोग व वरिष्ठ लैपरोस्कॉपी सर्जरी विशेषज्ञ डा. मीनाक्षी गोयल ने पत्रकारों से बातचीत में रविवार को कही। वो अर्बन एस्टेट-2 में रामशरणम आश्रम के पास स्थित समर्पण हॉस्पिटल के भव्य शुभारंभ के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे। इस अस्पताल के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य नागरिकों और चिकित्सकों ने भाग लिया। डॉ. विशाल मोहन गोयल और डॉ. मीनाक्षी गोयल ने संयुक्त रूप से हॉस्पिटल के उद्देश्य और सेवाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि समर्पण हॉस्पिटल का उद्देश्य सिर्फ इलाज नहीं, बल्कि मरीजों की सेवा भाव से देखभाल करना है। यहां अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ अनुभवी डॉक्टरों की टीम उपलब्ध रहेगी। क्षेत्र में पहली बार 3डी/4के कार्ल स्टोरज एडवांस लैपरोस्कॉपी सिस्टम के साथ अस्पताल में प्लॉस्टिक, कॉस्मेटिक, बर्न केयर, हेयर ट्रांसप्लांट, एडवांस गायनोक्लॉजी, आधुनिक मेटरनिटी सेंटर, प्राइवेट रूम डिलीवरी जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
पत्रकारों से बातचीत में मीनाक्षी व डा. विशाल ने बताया कि डिलीवरी के वक्त पहला एक घंटा बच्चे के लिए गोल्डन ऑवर कहा जाता है। इस दौरान बच्चे को पूर्ण ऑक्सिजन नहीं मिल पायेगी तो उसका मानसिक विकास सही नहीं होगा। ऐसे में अपने नये अस्पताल में उन्होंने डिलीवरी के लिए ऐसा सेटअप तैयार किया है, जिसमें डिलीवरी के कुछ देर तक बच्चे की एम्बिकल कोर्ड को काटा नहीं जाता और जरूरत के अनुसार बाहरी तौर पर बच्चे को ऑक्सिजन उपलब्ध कराई जाती है। ताकि मुश्किल डिलीवरी के मामलों में बच्चों को ऑक्सिजन की कमी न रहे और उसका मानसिक विकास पूर्ण रूप से हो सके। इस दौरान उनके यहां महिला रोग विशेषज्ञ के अलावा न्यूनेटिल, न्यूनेटिल न्यूरोलॉजी, ऑबस्ट्रिक, पीडिएट्रिशियन की टीम मौजूद रहेगी, ताकि बच्चे के मानसिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा उन्होंने बताया कि 3डी/4के लैप्रोस्कॉपी सिस्टम से महिला रोगों की जटिल सर्जरी भी आसानी से हो सकेगी।
डॉ विशाल मोहन गोयल ने बताया कि आज पुरुष भी महिलाओं की तरह कॉस्मेटिक सर्जरी करा रहे हैं। कॉस्मेटिक सर्जरी अब केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि पुरुष भी बेहतर दिखने की चाह में कॉस्मेटिक प्लास्टिक सर्जरी करवा रहे हैं। ऐसे पुरुषों की संख्या तेजी से बढ़ रही है जो अपने चेहरे और बॉडी की लुक को पहले से बेहतर बनाने की चाह रखते हैं। डा. मीनाक्षी ने बताया कि आजकल महिलाएं काफी जागरुक हुई हैं। कॉस्मेटिक सर्जरी अब सिर्फ हिरोईन, सेलिब्रिटीस के लिए ही नहीं बल्कि सामान्य हाउस वाइफ के लिए भी उपलब्ध हो चुकी हैं। डिलीवरी के बाद महिलाओं के शरीर में आने वाले बदलावों को कॉस्मेटिक सर्जरी से सुधारा जा रहा है, जो महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ा रहा है। अब महिलाएं अपनी समस्याएं भी बताने में हिचकिचाती नहीं हैं। इसीलिए उनके यहां महिलाओं व पुरुषों के लिए सभी प्रकार की प्लॉस्टिक, कॉस्मेटिक व माइक्रोप्लॉस्टिक सर्जरी की सुविधा आधुनिक तकनीकों के साथ उपलब्ध है। इस मौके पर डा. रजत गुप्ता व डा. रीमा गारग्रेट गुप्ता भी उपस्थित थी।
