–बालसमन्द गांव में चल रहे गणपति चिलिंग प्लांट पर सीएम फ्लाइंग की रेड
–3000 लीटर दूध बरामद, लैब जांच के लिए भेजे गए सैंपल

हिसार टाइम्स – हिसार जिले के बालसमन्द गांव में सोमवार को सीएम फ्लाइंग टीम ने गणपति चिलिंग सेंटर पर छापेमारी कर दूध में मिलावट की आशंका के चलते बड़ा कदम उठाया। इस कार्रवाई में टीम ने मौके से करीब 3000 लीटर दूध बरामद किया, जिसके सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। यह छापेमारी सीएम फ्लाइंग इंचार्ज सुनैना के नेतृत्व में की गई, जिनके साथ एसआई जितेंद्र, एएसआई सुरेंद्र, एचसी विजय और खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉक्टर पवन चहल मौजूद रहे।

जानकारी के अनुसार सीएम फ्लाइंग को गुप्त सूचना मिली थी कि बालसमन्द गांव में चल रहा यह गणपति चिलिंग सेंटर कई प्रकार की अनियमितताओं में लिप्त है और वहां दूध में मिलावट की आशंका जताई गई थी। इसी के चलते सोमवार सुबह टीम ने प्लांट पर रेड की। छापेमारी के दौरान गणपति चिलिंग सेंटर का संचालक मौके से गायब मिला और वहां पर किसी प्रकार का कोई तकनीकी डिप्लोमा होल्डर या क्वालिफाइड सुपरवाइजर भी मौजूद नहीं था। पूछताछ के दौरान मौके पर मौजूद एक व्यक्ति, राहुल ने टीम को बताया कि इस प्लांट पर प्रतिदिन लगभग 12000 लीटर दूध आसपास के गांवों से इकट्ठा कर चिलिंग की प्रक्रिया से गुजारा जाता है और इसके बाद यह दूध रोहतक स्थित अमूल दूध प्लांट को भेजा जाता है।

टीम ने मौके पर मौजूद दूध के सैंपल एकत्र कर लिए हैं जिन्हें खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पवन चहल द्वारा जांच के लिए लैब भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीएम फ्लाइंग इंचार्ज सुनैना ने कहा कि प्रदेश सरकार खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। किसी भी स्थान पर गड़बड़ी की सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि खाद्य व्यवसाय से जुड़े सभी लोग अपने लाइसेंस एवं प्रशिक्षित कर्मचारियों के साथ काम करें और प्रक्रिया को नियमों के तहत संचालित करें, ताकि कानून का उल्लंघन न हो।

इस छापेमारी से क्षेत्र में स्थानीय प्रशासन की सक्रियता से लोगों में सकारात्मक संदेश गया है। अब सभी की निगाहें दूध के सैंपल की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाला दूध कितना शुद्ध और सुरक्षित है।
