हिसार टाइम्स – सुना है हरियाणा में तो बेटियां खूब नाम कमा रही है। माता-पिता का नाज है। मैं भी तुम्हारी लाज रखती। तुम भी तो किसी की बेटी हो…मां। और वो भी तो मां ही है…उसमें भी ममता है…, जो मेरे रोने की आवाज सुनकर दौड़ी चली आई। मैं उनकी वजह से आज जिंदा हूं…। नागरिक अस्पताल में मंगलवार दोपहर लाई गई फूल सी बच्ची के मनोभाव कुछ ऐसी ही रहे होंगे। वह कुछ ऐसे ही सवाल समाज से पूछ रही है।

दोपहर करीब एक बजे 44 डिग्री तापमान में जब सूरज आग उगल रहा था। तोशाम रोड पर आईटीआई के पास सेक्टर-13 की तरफ रजबाहे के साथ लगती झाड़ियों से रोने की आवाज सुनकर मॉडल टाउन निवासी सुमा देवी मौके पर पहुंची पर वहां कोई नहीं थी। चलने लगी तो फिर से रोने की आवाज आई। तब उन्हें पता चला रोने की आवाज वहां पड़े एक बैग के अंदर से आ रही है। बैग खोला तो अंदर नवजात बच्ची थी। धूप से बदन लाल पड़ गया था। सांसें अटक-अटक कर चल रही थीं।

बच्ची को बाहर निकालकर डायल 112 पर फोन किया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने बाल कल्याण समिति को सूचित किया और बाद में बच्ची को नागरिक अस्पताल स्थित निकू वार्ड में दाखिल करवाया। देर रात तक बच्ची के परिजन का पता नहीं चल पाया था। सुमा देवी ने बताया कि वह सेक्टर-13 के घरों में काम करके आजीविका चलाती है। उसके 6 बेटे हैं। वह करीब 12.30 बजे घरों में काम करके लौट रही थी। तब बच्ची के रोने की आवाज सुनी।

