— एंडॉक्रिनलॉजिस्ट डॉ. अलका बिश्नोई द्वारा पहल

हिसार टाइम्स – सर्वेश हेल्थ सिटी, हिसार में आज बच्चों में बढ़ते टाइप-1 डायबिटीज के मामलों को लेकर एक विशेष जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया। इस पहल की अगुवाई सर्वेश हेल्थ सिटी की प्रसिद्ध एंडोक्रिनोलॉजिस्ट डॉ. अलका बिश्नोई ने की, जिसमें टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों ने अपने माता-पिता के साथ भाग लिया।

कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों व उनके अभिभावकों को यह समझाना था कि यह बीमारी जीवन के अवसरों में बाधा नहीं है सही जानकारी और प्रबंधन के साथ बच्चा एक सामान्य और सफल जीवन जी सकता है।
डॉ. अलका बिश्नोई ने बताया कि टाइप-1 डायबिटीज एक ऑटोइम्यून रोग है, जिसमें शरीर खुद ही इंसुलिन बनाने वाली कोशिकाओं को नष्ट कर देता है। समय पर निदान, इंसुलिन थेरेपी और जागरूक अभिभावक ही इस बीमारी को नियंत्रित करने की कुंजी हैं।
सर्वेश हेल्थ सिटी के चेयरमैन डॉ. उमेश कालरा और डॉ सरिता कालरा इस अवसर पर विशेष रूप से उपस्थित रहे।

डॉ. उमेश कालरा ने अपने वक्तव्य में क्रिकेटर वसीम अकरम सहित ऐसे कई लोगों के उदाहरण साझा किए जिन्होंने टाइप-1 डायबिटीज के बावजूद जीवन में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की।

सर्वेश हेल्थ सिटी के पीडियाट्रिशियन डॉ. अंकित सिंगला ने बच्चों की जीवनशैली और स्कूल लाइफ पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा “टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चों को विशेष देखभाल की जरूरत तो होती है, पर वे सामान्य बच्चों की तरह ही पढ़ाई, खेलकूद और हर गतिविधि में हिस्सा ले सकते हैं।” स्कूल जाते समय बच्चा अपने साथ ग्लूकोज, छोटा स्नैक और ब्लड शुगर मीटर रखे,स्कूल टीचर्स और नर्स को बच्चे की स्थिति की पूरी जानकारी दी जाए।खेल या शारीरिक गतिविधि से पहले और बाद में शुगर की जांच करें,इंसुलिन डोज और खाने का समय संतुलित रखा जाए।
कार्यक्रम में मौजूद कई अभिभावकों ने कहा कि उन्हें इस सेमिनार से मानसिक और व्यावहारिक दोनों स्तरों पर बड़ा लाभ मिला। बच्चों ने भी आत्मविश्वास से भरे हुए सवाल पूछे और अनुभव साझा किए।

बच्चों के अभिभावको ने आग्रह किया कि सर्वेश हेल्थ सिटी मे इस प्रकार के सेमिनार और कार्यशालाएं नियमित रूप से आयोजित की जाए ताकि मधुमेह से ग्रस्त बच्चों और उनके परिवारों को चिकित्सा और मानसिक रूप से पूरा सहयोग मिल सके।


