हिसार टाइम्स– हिसार जिले में विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन थाने के एएसआई रामनिवास को 15 हजार रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई विजिलेंस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर करी। एएसआई से अभी सिविल लाइन थाने में पूछताछ की जा रही है।बताया जा रहा है कि 2023 में सिविल लाइन थाने में दर्ज एक केस में धाराएं हटाने की एवज में एएसआई रिश्वत की मांग कर रहा था।

इसके बाद शिकायतकर्ता बलवान और देवेंद्र ने विजिलेंस को पूरे मामले की जानकारी दी। जिसको लेकर विजिलेंस ने पाउडर लगाकर नए नोटों की गड्‌डी शिकायतकर्ता को दे दी। आज जैसे ही एएसआई ने रिश्वत की डिमांड की और पैसे पकड़कर गिनने लगा तो इसी दौरान विजिलेंस की टीम ने थाने में ही एएसआई को दबोच लिया। विजिलेंस की ओर से कार्रवाई की जा रही है।

धोखाधड़ी के केस खत्म करने को रिश्वत मांगी थी बताया जा रहा है कि सिविल लाइन थाने में 2023 में धोखाधड़ी का केस दर्ज हुआ था। हिसार के व्यक्ति ने करनाल के व्यक्ति देवेंद्र पर एक लाख 30 हजार रुपए हड़पने का केस दर्ज करवाया था। इसके कुछ साल बाद अब दोनों पक्षों में करीब एक लाख रुपए में आपसी में समझौता हो गया।इसके बाद दोनों पक्ष सिविल लाइन थाने में एएसआई रामनिवास के पास पहुंचे थे। रामनिवास ने कहा कि केस खत्म करने के एक लाख रुपए लगेंगे। इस पर देवेंद्र ने कहा कि एक लाख रुपए में तो हमारा समझौता हुआ है।इसके बाद एएसआई ने 60 हजार रुपए मांगे। मगर इतने रुपए देने पर भी वह राजी नहीं हुए। इसके बाद 15 हजार रुपए में सौदा तय हुआ।

एएसआई ने कहा मोटी धाराएं हटा दूंगा कम पैसे मिलने के बाद एएसआई ने कहा कि केस तो खत्म नहीं हो पाएगा मगर मोटी धाराएं केस से हटा दूंगा ताकि जमानत में कोई दिक्कत ना हो। इसके बाद देवेंद्र और बलवान ने विजिलेंस से संपर्क कर पूरी कहानी बताई कि एएसआई केस खत्म करने के लिए रिश्वत मांग रहा है जबकि हमारा समझौता हो गया है और हम एफिडेविट देने को तैयार है। इसके बाद विजिलेंस ने रेड टीम तैयार करवाई और रंगें हाथों आज एएसआई को दबोच लिया।