हिसार टाइम्स – हिसार जिले के गांव बालसमंद की बेटी सिमरन ने आर्थिक तंगी और सामाजिक चुनौतियों के बीच पढ़ाई पूरी कर अपने सपनों को पंख दिए हैं, वह दुनिया की अग्रणी टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर चयनित हुईं हैं। कंपनी ने उन्हें 55 लाख रुपये सालाना पैकेज की पेशकश की है।

सिमरन गरीब परिवार से ताल्लुक रखतीं हैं। उनके पिता राजेश स्ट्रीट वेंडर हैं। वह कबाड़ के बदले बर्तन बेचते हैं। अपनी बेटी को पढ़ाने के लिए उन्होंने खुद की जरूरतों को टाल कर कर्ज लिया, लेकिन बेटियों की शिक्षा में कभी समझौता नहीं किया।सिमरन की मां कविता गृहिणी हैं। वह 12वीं तक शिक्षित हैं। उन्होंने हमेशा घर के खर्चों में कटौती कर बेटियों की पढ़ाई को प्राथमिकता दी। कविता बतातीं हैं, अपने सपनों को पीछे रखकर उन्होंने बेटियों को आगे बढ़ने दिया। अब पहली बार उनके गरीब घर में इतनी बड़ी खुशी आई है।

सिमरन ने अपने परिवार समेत पूरे गांव का नाम रोशन किया है। सिमरन की दो बहनें ममता और मुस्कान 12वीं कक्षा में नॉन-मेडिकल वर्ग की पढ़ाई कर रहीं हैं। छोटा भाई हर्षित एलबीएस में आठवीं कक्षा का छात्र है। अब उनका परिवार सिमरन की सफलता से उत्साहित है। वह समाज के लिए प्रेरक बन गया है। सिमरन की सफलता साबित करती है कि अगर हौसले बुलंद हों तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।

कांग्रेस विधायक चंद्रप्रकाश ने कहा कि बालसमंद की बेटी सिमरन पर पूरे प्रदेश को गर्व है। अन्य बेटियां भी सिमरन से प्रेरणा लेकर आगे बढ़ें इसके लिए हम सब बेटियों के साथ खड़े हैं।