हिसार टाइम्स – जोर शोर के साथ लागू हुई दिल्ली सरकार के 10 साल से पुरानी डीजल गाड़ियों और 15 साल से पुराने पेट्रोल वाहनों को सीज करने के नियम से यू-टर्न ले लिया है. जबकि पिछले दो दिनों में सीज हुई गाड़ियों मर्सिडीज जैसी हाईटेक गाड़ियों के साथ-साथ कई गाड़ियों को सीज किया गया था. अभियान के पहले ही दिन मंगलवार को दर्जन भर से ज्यादा चार पहिया और 60 से ज्यादा दोपहिया वाहन पकड़े गए अब इनका क्या होगा…

इस पर सवाल उठ रहे है दिल्ली में 10 से 15 साल पुरानी वाहनों को जब्त करने का अभियान अब ठंडे बस्ते में पड़ चुका है. दिल्ली सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) को चिट्ठी लिखकर कहा है कि वाहनों को सीज करने के लिए बनाई गई व्यवस्था तर्कसंगत नहीं है. दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने गुरुवार को प्रेस कॉफेंस कर कहा कि इस व्यवस्था को एक नवंबर ने पड़ोसी राज्यों के साथ लागू किया जाए. सरकार की चिट्ठी और सिरसा से बयान से साफ है कि अब दिल्ली में पुरानी गाड़ियों की धर-पकड़ का अभियान रुक जाएगा.

लेकिन बीते दो दिन के दौरान दिल्ली में जिन उम्रदराज गाड़ियों को सीज किया गया, उसका अब क्या होगा? यह अहम सवाल बना है.गाड़ियों की धरपकड़ का अभियान शुरू होते ही देश की राजधानी से मर्सिडीज जैसी हाईटेक गाड़ियों के साथ-साथ कई गाड़ियों को सीज किया गया था. अभियान के पहले ही दिन मंगलवार को दर्जन भर से ज्यादा चार पहिया और 60 से ज्यादा दोपहिया वाहन पकड़े गए. इस समय ये सभी गाड़ियां परिवहन विभाग की सराय काले खां स्थित 5 नंबर के स्क्रैप पिट में खड़ी है.

▪️कैसे मिलेंगी सीज हुई गाड़ियां वापस !
उन्होंने बताया कि दिल्ली सरकार का एक सर्कुलर है, जिसमें दिल्ली की गाड़ियों को दूसरे राज्य में ले जाने का नियम बताया गया है. इस सर्कुलर के अनुसार लोगों को एक एफिडेविट देनी होगी, जिसमें वाहन मालिक बताएंगे कि वो इस गाड़ी को दिल्ली से बाहर दूसरे राज्य में ले जाएंगे. साथ ही 10 हजार का चालान कटवाना पड़ेगा.इसके अलावा वाहन को सीज करने में ट्रांसपोर्ट विभाग द्वारा लगा खर्च भी देना पड़ेगा. इसके बाद सीज की गई पुरानी गाड़ी वाहन मालिक को मिल सकेगी. लेकिन इस वाहन को दिल्ली में नहीं चला सकेंगे.




