हिसार टाइम्स – हिसार के ऋषि नगर इलाके में एक कबाड़ी की दुकान पर हुए विस्फोट के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि ब्लास्ट किसी साधारण मलबे या स्क्रैप से नहीं, बल्कि एक विस्फोटक पदार्थ से भरे लोहे के पाइप के कारण हुआ था, जिसे बेचने वाला कोई और नहीं बल्कि जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन विभाग का असिस्टेंट प्रोफेसर निकला।

पुलिस जांच में पाया गया कि आरोपी पंकज, जो वर्तमान में सेंट्रल यूनिवर्सिटी महेंद्रगढ़ में कार्यरत है, रसायनों से जुड़े प्रयोग करता रहता था। इसी तरह के एक असफल प्रयोग के बाद उसने विस्फोटक पदार्थ को लोहे के पाइप में भरकर कबाड़ में बेच दिया। जब यह पाइप कबाड़ी श्रीचंद ने तराजू पर रखा, तो धमाका हो गया।

100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस आरोपी तक पहुंची। पूछताछ में टालमटोल कर रहे पंकज ने आखिरकार सख्ती के बाद सच कबूल कर लिया।

पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश कर चार दिन की पुलिस रिमांड पर लिया है, जिसमें उससे यह पूछा जा रहा है कि उसने विस्फोटक सामग्री कहां से खरीदी और इसका मकसद क्या था

आरोपी पंकज, मूल रूप से बरवाला के वार्ड नंबर 3 का रहने वाला है। हाल ही में उसने दूसरी जाति की महिला से लव मैरिज की थी। उसका परिवार शिक्षित है—माता-पिता रिटायर्ड शिक्षक हैं और भाई लेक्चरर है।

सालों पुरानी कोठी (हिसार सेक्टर 14, हाउस नं. 1409) में उसने यह प्रयोग किया था, जहां मरम्मत कार्य के दौरान वह खुद आया हुआ था। वहीं से कबाड़ में विस्फोटक पाइप बेचा गया।

यह घटना न सिर्फ एक आम दुर्घटना थी, बल्कि इससे कई सवाल खड़े होते हैं—

  • एक प्रोफेसर क्यों कर रहा था विस्फोटक से प्रयोग?
  • क्या यह सिर्फ एक्सपेरिमेंट था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?
  • यूनिवर्सिटी प्रशासन को क्या इस गतिविधि की जानकारी थी?

पुलिस इन तमाम पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।