हिसार टाइम्स – हरियाणा में पारंपरिक रूप से हुक्का का चलन रहा है, लेकिन अब यह फैशन और ट्रेंड के रूप में युवाओं में तेज़ी से बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत आने वाले समय में स्वास्थ्य के लिए बेहद घातक साबित हो सकती है।
डॉ. मीत कुमार, (हेमाटो-ऑन्कोलॉजी एवं बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ), ने चिंता जताई कि हाल के वर्षों में ब्लड कैंसर और संबंधित बीमारियों के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। उनका कहना है
“युवा वर्ग अक्सर ग्रुप में बैठकर शौकिया तौर पर हुक्का पीता है। लोग यह सोचते हैं कि सिगरेट की तरह हुक्का हानिकारक नहीं है, लेकिन सच्चाई इसके बिल्कुल विपरीत है। हुक्का के जरिए शरीर में न केवल निकोटिन जाता है बल्कि कई तरह के हानिकारक रसायन भी प्रवेश करते हैं, जो फेफड़ों, खून और बोन मैरो को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। यही वजह है कि ब्लड कैंसर जैसी घातक बीमारियों के मामले बढ़ रहे हैं।”
डॉ. मीत ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की कि वे इस आदत को “स्टेटस सिंबल” या “मज़े का साधन” न समझें, बल्कि इसके छिपे खतरों को जानें और इससे दूर रहें।
डॉ. मीत कुमार हेमाटो-ऑन्कोलॉजी और बोन मैरो ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ है जिन्हे 14+ वर्षों का अनुभव, 1000 से अधिक सफल बोन मैरो ट्रांसप्लांट का अनुभव है इन्होने टाटा मेडिकल सेंटर, कोलकाता और किंग्स कॉलेज, लंदन से विशेष प्रशिक्षण लिया है
डॉ मीत कुमार”हिसार गौरव” व अन्य कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित इनके 20 से अधिक शोध पत्र प्रकाशित
वर्तमान में हरियाणा समेत कई शहरों में गंभीर रक्त रोगियों और कैंसर पीड़ितों का इलाज कर रहे हैं
