प्लास्टिक एवं जलन रोग विशेषज्ञ – डॉ. विक्रम नटराज गोयल
दीपावली का त्योहार रोशनी, रंगों और खुशियों का प्रतीक है, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही इसे जीवनभर का दुख बना सकती है। हर साल इस समय पर अस्पतालों में जलने की घटनाओं की संख्या बढ़ जाती है – विशेषकर बच्चों और युवाओं में।
एक बर्न और प्लास्टिक सर्जन के रूप में, मैं आपको कुछ महत्वपूर्ण सुझाव देना चाहता हूँ ताकि आप और आपके परिवारजन सुरक्षित रहें।
✅ क्या करें (Do’s)
बच्चों को पटाखों से दूर रखें: पटाखों को जलाते समय बच्चों की निगरानी करें। कभी भी उन्हें अकेले न छोड़ें।
सिंथेटिक कपड़ों से बचें: हमेशा सूती (cotton) कपड़े पहनें। ढीले या झूलते कपड़े न पहनें।
जलने की स्थिति में घबराएं नहीं: तुरंत जलते हुए व्यक्ति पर कंबल या चादर डालें और आग बुझाएं। फिर बहते हुए पानी में जले हुए हिस्से को डुबोएँ!
बिजली की सजावट सावधानी से करें: ओवरलोडिंग और खराब वायरिंग से शॉर्ट सर्किट हो सकता है।
आपातकालीन नंबर हाथ में रखें: जैसे कि नजदीकी अस्पताल, फायर ब्रिगेड, और 108 एम्बुलेंस सेवा।
❌ क्या न करें (Don’ts)
तेल, घी या ग्रीस न लगाएं: जलने पर इन घरेलू उपायों से संक्रमण का खतरा बढ़ता है।
भागदौड़ में पटाखे न जलाएं: जल्दीबाजी में गलती होने की संभावना ज्यादा होती है।
भीड़भाड़ वाली जगहों पर आतिशबाज़ी न करें: किसी के कपड़े या बाल जल सकते हैं।
खुले में जलती हुई दीयों या मोमबत्तियों को न छोड़ें।
बिना निर्देश पढ़े पटाखों का उपयोग न करें। सस्ते और अवैध पटाखों से विशेष खतरा होता है।
🩺 जलने की स्थिति में क्या करें?
Step 1: जले हुए हिस्से को बहते पानी से 15-20 मिनट तक धोएं।
Step 2: यदि फफोले हैं, तो उन्हें न फोड़ें।
Step 3: साफ कपड़े से ढकें और डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
Step 4: कोई भी क्रीम, बर्फ या घी न लगाएं।
Step 5 : श्वास की समस्या हो तो व्यक्ति को खुली हवा में रखें और तत्काल अस्पताल ले जाएं।
सुरक्षा से ही त्योहार सुंदर बनता है। पटाखों से ज्यादा जरूरी है आपका और आपके अपनों का स्वास्थ्य।
इस दीपावली, जिम्मेदारी से मनाएं त्योहार और फैलाएं “सुरक्षा का उजियारा”।
आपका स्वास्थ्य, आपकी सजगता में है।
डॉ. विक्रम नटराज गोयल
एम.एस., एम.सी.एच (प्लास्टिक सर्जरी)
बर्न और रिकंस्ट्रक्टिव सर्जन
सौंदर्य गोयल हॉस्पिटल
डाबड़ा चौक हिसार
दीपावली पर जलने से कैसे बचें: एक प्लास्टिक एवं बर्न सर्जन की सलाह !
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