सतर्कता हर नागरिक कि जिम्मेवारी है ऐडवोकेट नीरज तनेजा

हिसार टाइम्स – विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC),केंद्रीय सतर्कता आयोग और शिक्षा मंत्रालय के निर्देशों के अनुरूप मनाए जा रहे सतर्कता सप्ताह के दौरान, ओम स्टर्लिंग ग्लोबल विश्वविद्यालय (OSGU) में ‘सतर्कता और भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई’ विषय पर एक प्रेरणादायक विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. पुनीत गोयल और प्रो-चांसलर डॉ. पूनम गोयल ने शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विश्वविद्यालय हमेशा से छात्रों में नैतिक मूल्यों और उच्च सत्यनिष्ठा को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक और नैतिक शिक्षा भी प्रदान करते हैं। कार्यक्रम के विशिष्ट वक्ता एडवोकेट नीरज तनेजा (डिप्टी डायरेक्टर, ज्यूडिशियरी, ओ.एस.जी.यू) थे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सतर्कता केवल सरकारी कर्मचारियों का कर्तव्य नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने विभिन्न ऐतिहासिक और कानूनी उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे छोटे स्तर की लापरवाही और भ्रष्टाचार देश की प्रगति को धीमा कर सकते हैं। एडवोकेट तनेजा ने कहा आप सभी युवा देश का भविष्य हैं। भ्रष्टाचार के विरुद्ध लड़ाई किसी एक संस्था कि नहीं, बल्कि हम सब की है। अपने आस-पास किसी भी गलत कार्य को देखकर आवाज़ उठाना और ईमानदारी को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाना ही सच्ची सतर्कता है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एन. पी. कौशिक ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर खुशी व्यक्त की और कहा कि विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसे नागरिक तैयार करना है जो न केवल अकादमिक रूप से श्रेष्ठ हों, बल्कि नैतिक रूप से भी मजबूत हों। प्रति कुलपति डॉ. राजेंद्र सिंह छिल्लर और रजिस्ट्रार डॉ. सत्यवीर सिंह ने भी विद्यार्थियों को सतर्क और जागरूक रहने का संदेश देते हुए उन्हें एक नैतिक एवं भ्रष्टाचार-मुक्त भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. संगीता जैन और डॉ. नीलम सिहाग डीन लीगल स्ट्डीज ने किया, जिन्होंने इस महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई। इस व्याख्यान में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के डीन, शिक्षक एवं विद्यार्थी शामिल हुए। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में लीगल स्ट्डीज से सचिन गोयल, कुश आहूजा एवं अन्य शिक्षकों में अहम भूमिका अदा की।