सर्वोदय मल्टी स्पेशलिटी एवं कैंसर हॉस्पिटल के वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ. मोहित जिंदल ने एक अत्यंत जटिल और संवेदनशील ऑपरेशन कर रीढ़ की गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीज को नया जीवन दिया।
हिसार टाइम्स – सावित्री नामक महिला मरीज लंबे समय से कमर और पैरों में तीव्र दर्द, पैरों में सुन्नपन, चलने-फिरने में कठिनाई और खड़े होने में असमर्थता जैसी समस्याओं से परेशान थीं। हालात इतने बिगड़ गए कि उन्हें पेशाब उतरने में भी कठिनाई होने लगी थी और पेशाब करने में जोर लगाना पड़ रहा था। एमआरआई जांच में पता चला कि रीढ़ की हड्डी के पीछे की तरफ हड्डी का आकार बढ़ गया था और मणकों के खिसकने से नसों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था।

स्थिति गंभीर होने के कारण तुरंत ऑपरेशन का निर्णय लिया गया। डॉ. मोहित जिंदल ने पीछे की ओर से रीढ़ की हड्डी का हिस्सा सावधानीपूर्वक काटकर नसों पर से दबाव हटाया। साथ ही, हड्डी को स्थिरता देने के लिए उसमें पेच (स्क्रू) और रॉड लगाई गई, जिससे रीढ़ की मजबूती और स्थिरता सुनिश्चित हो सके।
सर्जरी पूरी तरह सफल रही और मरीज अब तेजी से स्वस्थ हो रही हैं। ऑपरेशन के बाद न केवल उनकी पेशाब की समस्या समाप्त हो गई, बल्कि पैरों का सुन्नपन और कमर का दर्द भी खत्म हो गया। अब वह बिना किसी सहारे के चल-फिर पा रही हैं और रोजमर्रा की गतिविधियां सामान्य रूप से कर रही हैं।

मरीज सावित्री ने अपने सफल इलाज के लिए डॉ. मोहित जिंदल और सर्वोदय मल्टी स्पेशलिटी एवं कैंसर हॉस्पिटल की पूरी टीम का हृदय से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि यहां उन्हें समय पर सही इलाज, आधुनिक तकनीक और मानवीय संवेदनाओं से भरपूर सेवा मिली, जिसकी बदौलत वह फिर से सामान्य जीवन जी पा रही हैं।

