मोटापे और हार्मोनल रोगों के उपचार में ‘सेमाग्लूटाइड’ की नई क्रांति

हिसार टाइम्स – मोटापा और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों के विरुद्ध चिकित्सा जगत में ‘सेमाग्लूटाइड’ एक नई उम्मीद बनकर उभरी है। सबसे सुखद पहलू यह है कि अब यह दवा पहले की तुलना में काफी किफायती हो गई है; जो उपचार पहले ₹8,000–₹10,000 प्रति माह में होता था, वह अब घटकर लगभग ₹2,000–₹3,000 के दायरे में आ गया है, जिससे यह आम मरीजों की पहुंच में आ गई है। यह दवा शरीर के प्राकृतिक हार्मोन की नकल कर मस्तिष्क को भूख नियंत्रित करने का संकेत देती है और पाचन को धीमा करती है, जिससे व्यक्ति को लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है। इससे न केवल वजन में प्रभावी कमी आती है, बल्कि ब्लड शुगर का स्तर भी बेहतर बना रहता है।

जिंदल हॉस्पिटल की एंडोक्रिनोलॉजी विभागाध्यक्ष (HOD) डॉ. अलका बिश्नोई के अनुसार, सेमाग्लूटाइड का दायरा केवल वजन घटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह टाइप-2 डायबिटीज़, हाई बीपी, कोलेस्ट्रॉल और मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसी जटिलताओं में भी अत्यंत लाभकारी है। इतना ही नहीं, यह महिलाओं में पीसीओएस (PCOS), अनियमित पीरियड्स और बांझपन जैसी हार्मोनल समस्याओं को ठीक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। यह दवा टैबलेट और हफ्ते में एक बार लगने वाले इंजेक्शन, दोनों रूपों में उपलब्ध है, जिसे मरीज स्वयं भी आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं। हालांकि, विशेषज्ञ की देखरेख में इसका उपयोग ही दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ और सुरक्षा सुनिश्चित करता है।