शव मिलने से कुछ घंटे पहले ही बच्चों के परिजनों ने उनकी बरामदगी के लिए एचटीएम थाना के सामने धरना दिया था।
दोनों बच्चों के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।



हिसार,रविवार की शाम करीब पांच बजे स्थानीय लोगों को सेक्टर 1-4 के जलघर के टैंक में दो युवकों के शव तैरते हुए दिखाई दिए तो उन्होंने इसकी सूचना तुरंत ही पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और इसकी जानकारी फोरेंसिक टीम को दी। रविवार दोपहर बाद सेक्टर 1-4 के जलघर के वाटर टैंक से बरामद हुए शवों की पहचान 12 क्वार्टर क्षेत्र से 3 मई को लापता भगत सिंह नगर के गौरव (उम्र11) और कृष्ण (उम्र11) के रूप में हुई है जल घर से शव मिलने से कुछ घंटे पहले ही बच्चों के परिजनों ने उनकी बरामदगी के लिए एचटीएम थाना के सामने धरना दिया था। दोनों बच्चों के परिजनों ने हत्या की आशंका जताई है।



जानकारी के अनुसार भगतसिंह नगर के कृष्ण और गौरव शुक्रवार सुबह 10 बजे घर से खेलने के लिए निकले थे। परिचितों ने बताया कि वे दोनों गहरे दोस्त थे। वे दोपहर बाद 3 बजे तक घर नहीं लौटे तो गौरव की बहन ने मां मीना के पास फोन कर भाई के घर न लौटने की बात बताई। उसके बाद वे दूसरे बच्चे के घर गए तो कृष्ण नहीं मिला। परिजनों ने सोचा वे लौट आएंगे। शाम होते-होते परिजनों की चिंता बढ़ती गई और वे उन्हें ढूंढने निकले। परिजनों ने दोनों को हर संभावित जगह पर ढूंढा, लेकिन वे नहीं मिले। इसके बाद गौरव की मां मीना और कृष्ण की मां सपना एचटीएम थाने पहुंचीं और गुमशुदगी की शिकायत दी। एचटीएम थाना पुलिस ने शनिवार को गुमशुदगी का केस दर्ज किया था। पुलिस को रविवार दोपहर बाद सूचना मिली कि सेक्टर 1-4 के जलघर में दो बच्चों के शव पड़े हैं। इस पर डीएसपी विजयपाल टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शवों को बाहर निकलवा कर पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल भिजवाया।


मृतक बच्चों में गौरव तीसरी कक्षा में पढ़ता था और कृष्ण ने पढ़ाई छोड़ रखी थी !
गौरव तीसरी कक्षा में पढ़ता था, जबकि कृष्ण ने पढ़ाई छोड़ रखी थी। कृष्ण का छोटा भाई है। गौरव दो बहनों का इकलौता भाई था। गौरव के पिता का नाम कृष्ण है, जो मजदूरी करते हैं। वहीं कृष्ण के पिता का नाम हरीश है, जो सफाई कर्मचारी हैं।
शनिवार को एचटीएम थाने पर प्रदर्शन के बाद पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया !
भीम आर्मी नेता संतलाल आंबेडकर ने बताया कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही थी। हमने शनिवार को एचटीएम थाने के सामने प्रदर्शन किया तो पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज किया। हमने मांग रखी है कि मामले की जांच सीआईए को सौंपी जाए और डॉक्टरों के बोर्ड से शवों का पोस्टमार्टम करवाया जाए। इस मामले के दोषी व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजने का काम किया जाए।



